सिओल/वाशिंगटन (रॉयटर्स)। उत्तर कोरिया ने 60 सालों बाद कोरियाई युद्ध के दौरान मारे गए अमेरिकी सैनिकों के अवशेष अमेरिका को लौटा दिए हैं। अधिकारियों ने इस बात की पुष्टि की है। बता दें कि सिंगापुर में अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप और उत्तर कोरियाई किम जोंग उन के बीच हुई ऐतिहासिक वार्ता  के दौरान अवशेष लौटाए जाने पर सहमति बनी थी। उत्तर कोरिया द्वारा इस वादे को पूरा किये जाने के बाद ट्रंप ने भी इसे बड़ी सफलता बताई है और उन्होंने किम को इसके लिए धन्यवाद किया है।

कई परिवारों के लिए ख़ुशी का मौका
व्हाइट हाउस ने अपने एक बयान में कहा कि उत्तर कोरिया के पूर्वोत्तर शहर वोनसान से गुरुवार को अमेरिकी सेना का एक विमान 55 छोटे बॉक्स लेकर दक्षिण कोरिया के ओसान स्थित अपने बेस पर पहुंचा। इन बक्सों में मारे गए अमेरिकी सैनिकों के अवशेष थे और उनपर संयुक्त राष्ट्र का चिह्न भी लगा था। ट्रंप ने इसे बड़ी सफलता बताते हुए एक भी ट्वीट किया है, जिसमें लिखा 'कई परिवारों के लिए यह बेहद खुशी का मौका होगा। किम जोंग उन का धन्यवाद।' अमेरिकी अधिकारियों का कहना है कि अवशेषों की पुष्टि के लिए इनकी फोरेंसिक जांच की जाएगी। इसके अलावा दक्षिण कोरिया ने भी उत्तर कोरिया के इस कदम की सराहना की है। उसने कहा कि इससे अमेरिका और उत्तर कोरिया का संबंध और भी मजबूत होगा।

हजारों सैनिक लापता हो गए
बता दें कि 1950 से 1953 तक चले कोरियाई युद्ध को समाप्त करने के लिए हुई संधि की 65वीं बरसी के अवसर पर अमेरिका को अवशेष लौटाए गए हैं। इस युद्ध में चीन ने उत्तर कोरिया की सहायत की थी। दक्षिण कोरिया ने अमेरिकी सैन्य दल के साथ युद्ध में हिस्सा लिया था। मीडिया रिपोर्ट के मुताबिक, अमेरिका के तीन लाख 26 हजार सैनिक इस युद्ध में शामिल हुए थे। इनमें से करीब 5300 की उत्तर कोरिया में मौत हो गई थी। हजारों सैनिकों का आज तक कुछ पता नहीं चला था।

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