क्त्रन्हृष्ट॥ढ्ढ : कई लोगों की मौत के बाद भी राजधानी रांची में अवैध शराब के कारोबारी सक्रिय हैं. इन कारोबारियों पर अंकुश लगाने एवं उनके कारोबार को ठप करने के उद्देश्य से रविवार को डोरंडा थाना प्रभारी आबिद खान और जगन्नाथपुर थाना प्रभारी अनूप कर्मकार ने टीम के साथ अभियान चलाया. एयरपोर्ट रोड स्थित हेतु बस्ती में पुलिस की टीम ने अवैध शराब के कारोबारी गंगा साहू के घर पर छापामारी की. पाया गया कि कारोबारी ने अपने घर पर ही शराब की फैक्ट्री लगा रखी थी. पुलिस ने जब घर की तलाशी ली तो निर्माणाधीन कमरे और बाथरूम में बोरे में भरी देसी शराब की पाउचें मिली.

तहखाने में रखा था छिपाकर

कारोबारी ने पुलिस की आंख में धूल झोंकने की नियत से निर्माणाधीन मकान में ही तहखाना बना रखा था. यह तहखाना करीब दस फीट गहरा बनाया गया है. तहखाना में एक व्यक्ति के प्रवेश करने की जगह रखी गई है. तहखाने में पाउच और गैलन में भरी शराब रखी जाती थी. तलाशी के दौरान पुलिस ने तहखाने से करीब शराब से भरी दस गैलेन और पाउच बरामद की है. पुलिस ने तहखाने को बंद करने का आदेश दिया है.

लोगों ने की थी शिकायत

बताया जा रहा है कि ग्रामीणों के साछ गंगा साहू की बकझक हुई थी. गंगा साहू ने ग्रामीणों पर हथियार भी तान दिया था. इसको लेकर ग्रामीण उससे काफी नाराज थे. उन्होंने गंगा साहु के धंधे के बारे में जगन्नाथपुर और डोरंडा पुलिस को इसकी जानकारी दी. इसी आधार पर पुलिस ने गंगा साहू के मकान पर छापामारी की.

पांच हजार से ज्यादा पाउच बरामद

पुलिस ने पांच हजार से अधिक देसी शराब से भरी पाउच बरामद की है. साथ ही बोरे में रखी शराब पैक की प्लास्टिक व सील करने वाली मशीनों को भी जब्त किया है. हालांकि कारोबारी गंगा साहू पुलिस के आने से पहले ही मौके पर से फरार हो गया. पुलिस आरोपी गंगा साहू की तलाश में जुट गई है. इधर डोरंडा थाने में पुलिस ने गंगा साहू के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज की है.

पाउच में सरकार का लगा है लेबल

कारोबारी ने शराब की पाउच में अवैध रूप से झारखंड उत्पाद विभाग का मुहर लगा रखा था. उसी पाउच में शराब भरकर बेचा जा रहा था. पुलिस ने मुहर लगा करीब दस हजार पाउच भी बरामद की है.

शहर के कई इलाकों में होती शराब की सप्लाई

हेतु गांव निवासी गंगा साहू अवैध देसी शराब का सबसे बड़ा कारोबारी माना जाता है. बताया गया कि रांची के स्लम इलाकों में गंगा साहू द्वारा ही देसी शराब सप्लाई की जाती है. ट्यूब के माध्यम से छोटे-छोटे मुहल्लों में भेजा जाता है. ग्रामीणों के अनुसार गंगा साहू को कई पुलिस पदाधिकारी भी सहयोग करते हैं. इसलिए वह धड़ल्ले से शराब की फैक्ट्री चला रहा था.