पूरे मामले की जांच की जा रही
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RANCHI: बरियातू थाना क्षेत्र स्थित किंगलैंड एकेडमी की प्रिंसिपल 60 वर्षीया आरती कुमारी व उनके 10 वर्षीय गोद लिए बेटे रीतेश उर्फ रित्विक के डबल मर्डर कांड से पूरी सिटी एक बार फिर से दहल उठी है. शुक्रवार की सुबह 7.30 बजे के करीब स्कूल में झाड़ू-पोछो करने आई दाई रूखसाना खातून ने मां-बेटे के शव को देखकर शोर मचाया. इसके बाद लोग वहां जुटे और पुलिस को सूचना दी गई. रीतेश का शव फंदे से लटक रहा था, जबकि मां आरती देवी की बॉडी जमीन पर पड़ी थी. आरती देवी ने अपने भाई के बेटे रीतेश को गोद लिया था, जो कोकर स्थित डॉन बॉस्को स्कूल में क्लास थ्री का स्टूडेंट था. घटनास्थल पहुंचे रांची एसएसपी अनीश गुप्ता ने बताया कि आरती देवी का उनके रिश्तेदारों से संपत्ति को लेकर विवाद चल रहा था. पुलिस की मानें तो इस हत्या के पीछे संपत्ति विवाद है. फिलहाल, पूरे मामले की जांच की जा रही है.

क्या-क्या मिला एफएसएल टीम को
कमरे में अपराधियों के फिंगर प्रिंट, फुट प्रिंट, घसीटने के निशान, टूटा पर्दा. दो कप, दो ग्लास, टेबल पर कागज और कमरे में जेंट्स का एक एक हवाई चप्पल. बिस्तर पर कैरम बिछा हुआ और उसमें गोटी भी लगी है.

सीसीटीवी का डीवीआर भी ले गए
स्कूल में लगे सीसीटीवी कैमरे को निकाल दिया गया है. वहीं कमरे में कई जगह संघर्ष के सबूत मिले हैं. पर्दा टूटा हुआ है. गमला भी गिरा हुआ है. आशंका जताई जा रही है कि हत्याकांड को किसी अपने ने ही अंजाम दिया है. फॉरेंसिक टीम मौके पर पहुंची और मामले की छानबीन में जुट गई हे.

इकलौता वारिस था रीतेश
जानकारी के अनुसार, आरती देवी ने रितेश को गोद लिया था. उनकी पूरी संपत्ति का वारिस रितेश ही था. आरती देवी के पति पीडब्लयूडी में सुपरिटेंडेंट के पद पर थे, जिनका देहांत इसी साल फरवरी में हो गया था.

क्या कहती है दाई रूखसाना
पास की बस्ती में रहने वाले स्कूल की दाई रूखसाना ने ही शुक्रवार की सुबह दोनों शवों को देखा. उसके अनुसार, उससेपहले स्कूल की मारुति वैन चलाने वाले ने बेल बजाया था, लेकिन जब कोई नहीं उठा तो वह वहीं पर बैठ गया. इसके बाद रूखसाना वहां पहुंची. उसने ड्राइवर को बैठे हुए पाया तो जाकर दरवाजा खटखटाया. फिर, दरवाजा अपने आप खुल गया. जब अंदर देखा तो पाया कि बच्चे को फांसी पर लटकाया गया है. इसके बाद वह चीखते-पुकारते बाहर की ओर भागी. उसने बताया कि मैडम को नहीं देखा है. पुलिस उससे पूछताछ कर रही है. रूखसाना ने बताया कि उसने एक जुलाई से काम पकड़ा था. उसे ढाई हजार रुपए देने की बात हुई थी.

8.30 बजे रात भाई से फोन पर की थी बातचीत
बताया जाता है कि आरती देवी ने रात 8.30 बजे के करीब अपने भाई राजू उर्फ राजकुमार से बातचीत की थी. इस दौरान सबकुछ ठीक-ठाक था. उसके बाद ही दोहरे हत्याकांड को अंजाम दिया गया.

भाजपा महिला मोर्चा की मेंबर थीं आरती
मृतका आरती देवी भाजपा जिला महिला मोर्चा की सक्रिय सदस्य थीं. मोर्चा ने हत्यारों की 24 घंटे के अंदर गिरफ्तारी की मांग की है. अध्यक्ष आरती सिंह ने कहा है कि भाजपा कार्यसमिति की सदस्य रही आरती हमेशा से ही पार्टी के कार्यक्रमों में सक्रिय रहीं. उनकी हत्या से भाजपा महिला मोर्चा मर्माहत है.