RANCHI:6 मार्च की शाम रांची में अग्रवाल बंधुओं की हत्या का मुख्य आरोपी लोकेश चौधरी बिहार में है और दूसरे के मोबाइल फोन का इस्तेमाल करते हुए अपने लोगों के संपर्क में भी बना हुआ है। पुलिस को मिली जानकारी के अनुसार, इस डबल मर्डर में फरार एक और आरोपी एमके सिंह भी बिहार-नेपाल की सीमा में हो सकता है। इसके बावजूद रांची पुलिस इनके ठिकाने के बारे में पता नहीं लगा पा रही है। नतीजन, डबल मर्डर की मिस्ट्री सुलझने के बावजूद मुख्य आरोपी पुलिस की पकड़ से दूर हैं। गौरतलब हो कि अरगोड़ा थाना क्षेत्र के अशोक नगर रोड नंबर 1 में एक न्यूज चैनल के दफ्तर में कारोबारी भाई हेमंत अग्रवाल व महेंद्र अग्रवाल की गोली मारकर हत्या कर दी गई थी।

इश्तेहार चिपकाया, कुर्की-जब्ती कब

पुलिस लोकेश चौधरी और एमके सिंह के आवास में इश्तेहार चिपका कर फरार घोषित कर चुकी है। हालांकि पुलिस ने अब तक मामले में कुर्की-जब्ती की कार्रवाई नहीं की है।

डबल मर्डर का राज खोल चुका है बॉडीगार्ड

पुलिस द्वारा रिमांड पर लिए गए बॉडीगार्ड धमर्ेंद्र तिवारी ने बताया था कि घटना के दिन उसने राइफल से 3 गोली चलाई थी। तीनों गोली दोनों भाई हेमंत अग्रवाल और महेंद्र अग्रवाल को मारी गई थी। जबकि एमके सिंह ने इससे पहले दो गोलियों चलाई थी, लेकिन वो कारोबारी भाइयों को नहीं लगी थी। हत्या से पूर्व पूरी योजना लोकेश चौधरी और एमके सिंह ने मिलकर बनाई थी। उसने बताया कि योजना के तहत कमरे में सिर्फ चार लोग पहले से मौजूद थे, जिसमें अग्रवाल बंधु, लोकेश और सुनील सिंह थे। जबकि एमके सिंह के साथ धमर्ेंद्र तिवारी बाद में पहुंचा था। गोली मारने के बाद सभी लोग एक्सयूवी गाड़ी से पटना निकल गए थे।

पैसा हड़पने की थी पूरी योजना

धमर्ेंद्र तिवारी ने पुलिस को बताया था कि लोकेश चौधरी और उसके साथी एमके सिंह ने पहले से ही रुपए हड़पने की योजना बना रखी थी। कहा गया था कि दोनों भाई मोटी रकम लेकर आ रहे हैं, उन्हें वापस नहीं जाने देना है। इसके बाद योजना के तहत लोकेश चौधरी ने दोनों अग्रवाल भाइयों को पैसा लेकर न्यूज चैनल के ऑफिस बुलाया था, जहां रुपए के विवाद में दोनों भाइयों की गोली मारकर हत्या कर दी गई।

दायर की है अग्रिम जमानत याचिका, 12 को सुनवाई

व्यवसायी महेंद्र अग्रवाल और हेमंत अग्रवाल की हत्या मामले में मुख्य आरोपी लोकेश चौधरी ने प्रधान न्यायायुक्त नवनीत कुमार की अदालत में अग्रिम जमानत याचिका दायर की थी। अदालत ने मामले को सुनवाई के लिए एसएस प्रसाद की अदालत में हस्तांतरित कर दिया है। अदालत ने मामले में केस डायरी की मांग की है। इस मामले में अगली सुनवाई अब 12 अप्रैल को होगी।