-बरेली क्राइम ब्रांच ने लगा दी थी फाइनल रिपोर्ट

BAREILLY: रामपुर के सरकारी डॉक्टर्स, फॉर्मासिस्ट समेत 7 लोगों पर दर्ज धोखाधड़ी के केस की जांच अब सीबीसीआईडी करेगी. केस की वादी डॉ. आभा सिंह निवासी वाराणसी के प्रार्थना पत्र पर यूपी के विशेष सचिव अखिलेश तिवारी ने डीजी क्राइम को केस टेकओवर कर कार्रवाई के लिए लिखा है. आभा सिंह ने सीएम को केस सीबीसीआईडी में ट्रांसफर के लिए प्रार्थना पत्र दिया था. केस की जांच बरेली क्राइम ब्रांच कर रही थी, जिसमें जून में फाइनल रिपोर्ट लगा दी गई थी.

वर्ष 2014 में दर्ज हुआ था केस

वाराणसी निवासी डॉ. आभा सिंह की शादी 9 दिसंबर 2012 को रामपुर डिस्ट्रिक्ट हॉस्पिटल के नेत्र सर्जन डॉ. राजेश कुमार से हुई थी. पति से अनबन होने के बाद आभा सिंह ने दहेज उत्पीड़न का केस दर्ज कराया था. आरोप है कि इस केस से बचने के लिए डॉ. राजेश ने कोर्ट के जरिए एक एफआईआर उनके परिजनों के खिलाफ हत्या के प्रयास की दर्ज करा दी थी. उन्होंने 4 जनवरी 2014 का पर्चा फर्जी तरीके से निकलवाकर 5 जनवरी 2014 की डेट में मेडिकल दिखा दिया. आभा ने आरटीआई से इसकी रिपोर्ट मांगी, जिसके बाद एडीजी को प्रार्थना पत्र दिया था. एडीजी के प्रार्थना पत्र पर जांच करने के बाद रामपुर पुलिस ने डॉक्टर राजेश समेत 7 लोगों पर धोखाधड़ी का केस दर्ज किया था. रामपुर से केस क्राइम ब्रांच ट्रांसफर हो गया था. क्राइम ब्रांच ने जून में फाइनल रिपोर्ट लगा दी.