-साझी शहादत व साझी विरासत में बोले, डॉ राम पुनियानी

patna@inext.co.in

BEGUSARAI/PATNA: आज सत्ता में बने रहने के लिए कुछ संघ-संगठन और पार्टियां धर्म को हथियार बना रही है. कभी बाबरी मस्जिद तो कभी राम मंदिर के मुद्दा पर चुनाव लड़ा जाता है, तो कभी गौ रक्षा के नाम पर मॉब ¨ल¨चग का मामला तूल पकड़ता है. ऐसे लोग देश में राजशाही व्यवस्था कायम करने की बड़ी साजिश कर रहे हैं. परंतु हमें राजशाही नहीं, बल्कि लोकशाही व्यवस्था चाहिए. यह बात रविवार को भाकपा द्वारा दिनकर कला भवन में आयोजित साझी शहादत व साझी विरासत की हिफाजत के लिए जन लामबंदी कार्यक्रम में राष्ट्रीय स्तर के वैज्ञानिक इतिहासकार डॉ. राम पुनियानी ने कही. बहुत ही सरल अंदाज में इतिहास के साथ छेड़छाड़ का जिक्र करते हुए उन्होंने कहा कि इतिहास बताता है कि बाबर खुद भारत नहीं आए थे. बल्कि राणा सांगा नाम के भारत के ¨हदू राजा ने दिल्ली के तत्कालीन राजा इब्राहिम लोदी को सत्ता से हटाने के लिए बाबर को भारत बुलाया था. परंतु आज कुछ नेता दुष्प्रचार कर रहे हैं. इतिहास के साथ छेड़छाड़ कर नफरत फैलाई जा रही है.

सरकार नाम बदलने में व्यस्त

उन्होंने कहा कि आज मंदिर-मस्जिद के नाम पर लोगों की भावनाओं को भड़काया जा रहा है. सरकार लोकहित का कार्य करने की बजाय सड़क व जिला का नाम बदलने में मशगूल है. समाज को बांटने वाले लोग खजूर को मुसलमान, तो नारियल को ¨हदू बना रहे हैं. कलाकारों ने क्रांतिकारी गीतों की प्रस्तुति की.

झगड़ा सामंती ताकतों से है

डॉ पुनियानी ने कहा कि आज झगड़ा ¨हदू-मुसलमान का नहीं. बल्कि सामंती ताकतों की है. प्रो. द्विजेंद्र नारायण झा द्वारा अन्तरराष्ट्रीय वैज्ञानिक इतिहासकार डॉ. रामशरण शर्मा पर लिखित पुस्तक का विमोचन भी किया गया. अध्यक्षता भाकपा नेता शत्रुघ्न प्रसाद सिंह ने की.