हिन्दुस्तानी एकेडमी के नए अध्यक्ष डॉ. उदय प्रताप सिंह ने रखी बेबाक राय

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ALLAHABAD: हिन्दुस्तानी एकेडमी के नए अध्यक्ष डॉ. उदय प्रताप सिंह ने कुर्सी संभालने के बाद सोमवार को मीडिया से बातचीत की. उन्होंने कहा कि वे एकेडमी में लम्बे समय से बंद पड़े करीब 150 पुरस्कारों के वितरण की व्यवस्था फिर शुरू करने की कोशिश करेंगे. उनकी कोशिश गुरु गोरखनाथ और तुलसीदास जैसे पुरस्कारों को भी शुरू करने की होगी. नए अध्यक्ष ने कहा कि वे चाहेंगे कि फिराक गोरखपुरी के नाम पर भी पुरस्कार दिए जाएं.

नहीं चलेगा सेटिंग व मनी पॉवर

अध्यक्ष डॉ. उदय प्रताप सिंह ने सेटिंग और मनी पावर के जरिए मिलने वाले पुरस्कारों की बावत कहा कि उनके कार्यकाल में जो भी पुरस्कार दिए जाएंगे, उनका आधार केवल काम होगा. साहित्यकारों, लेखकों और कवियों के नाम का चयन परीक्षकों का पैनल उनकी रचनाओं के परीक्षण के बाद करेगा.

आजमगढ़ जिले के हैं मूल निवासी

उन्होंने कहा कि हिन्दुस्तानी एकेडमी देश में स्थापित दूसरे एकेडमी से काफी पीछे चली गई है. ऐसे में उनका प्रयास दक्षिण भारत में भी एकेडमी के नाम और काम का विस्तार होगा. डॉ. उदय प्रताप सिंह महंत रामाश्रय पीजी कॉलेज गाजीपुर में हिन्दी विभाग के पूर्व विभागाध्यक्ष रह चुके हैं. ये आजमगढ़ जिले के फूलपुर तहसील के पक्खनपुर गांव के मूल निवासी हैं. वर्तमान में इनका निवास स्थान बनारस में स्थित सारनाथ में है. एकेडमी में इनका कार्यकाल एक वर्ष का होगा.