RANCHI:राजधानी रांची में सड़कों की स्थिति काफी खराब है. जगह-जगह गड्डे हैं. हालत यह है पिछले कई सालों से यहां पर नई सड़कें नहीं बनाई गई हैं. समय-समय पर सड़कों की मरम्मत के नाम पर खानापूर्ति ही हुई है. रांची में क्भ् साल पहले सड़कें जितनी चौड़ी थीं, उसके मुकाबले आज अतिक्रमण के कारण ये संकरी हो गई हैं. जबकि रोड पर ट्रैफिक का बोझ पहले से ज्यादा बढ़ा है. ऐसे में इन सड़कों का चौड़ीकरण करने की कई बार योजनाएं बनीं, लेकिन इनको पूरा नहीं किया जा सका. ऐसे में स्मार्ट सिटी बनने से शहर में एक तरफ जहां नए-नए रोड बनेंगे, वहीं इस शहर में नए फ्लाईओवर भी बनाए जाएंगे. इससे शहर में ट्रैफिक सिस्टम भी स्मूद होगा.

चुनौती

आसान नहीं अतिक्रमण हटाना

रांची में शहर की चौड़ाई को बढ़ाने के लिए इसके आसपास बने मकानों को खाली कराना पड़ेगा. साथ ही इसके लिए यहां की आबादी को हटाना पड़ेगा, जो एक बड़ी समस्या है.

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संभावना

फ्-बेहतर होगा आवागमन

स्मार्ट सिटी बनने से रांची में ट्रांसपोर्टेशन की सुविधा बेहतर हो जाएगी. क्योंकि स्मार्ट सिटी में एक बड़ी शर्त यह भी होती है कि उस शहर में व‌र्ल्ड क्लास ट्रांसपोर्टेशन की सुविधा होती है. रांची में अभी पब्लिक ट्रांसपोर्ट सिस्टम एक बहुत बड़ी समस्या है. यहां पर सिटी बसों से लेकर ऑटो सर्विस तक का बुरा हाल है. लेकिन स्मार्ट सिटी बनने के बाद इस शहर में पब्लिक ट्रांसपोर्ट सिस्टम बेहतर हो जाएगा.

चुनौती

कैसे हटेंगे रोड से ऑटो

जेएनयूआरएम के तहत एक तरफ जहां रांची में सिटी बस सर्विस सफल नहीं हो पाई है. कई बार बंद होकर फिर शुरू हुई. वहीं रांची में हजारों पेट्रोल और डीजल ऑटो चलते हैं, जो यहां के लोगों के आने-जाने का प्रमुख साधन हैं. हजारों परिवार ऑटो से जुड़े हैं, ऐसे में इन्हें रांची के रोड से हटाना एक बड़ी चुनौती होगी.

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