RANCHI: 26 दिसंबर से पासपोर्ट की तरह ड्राइविंग लाइसेंस बनाया जाएगा. परिवहन विभाग ने ई- ग्रास पेमेंट सेवा शुरू करने की तैयारी कर ली है. अब ड्राइविंग लाइसेंस बनाने के लिए परेशान होने की जरूरत नहीं है, बस इस पेमेंट गेटवे के माध्यम से पेमेंट करेंगे ओर ड्राइविंग लाइसेंस बनाने का प्रॉसेस शुरू हो जाएगा. पेमेंट के कारण ही लोग डीटीओ ऑफिस का चक्कर लगाते रहते हैं, एक बार में उनका पेमेंट नहीं होता है, जिसके कारण काम आगे नहीं बढ़ पाता है. रांची डीटीओ नागेंद्र पासवान बताते हैं कि इस सेवा के शुरू होने के बाद डीएल बनाने वालों को सहूलियत होगी.

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ये परेशानियां होंगी दूर

अभी डीएल बनाने वाले लोगों को बहुत परेशानी हो रही है. सबसे अधिक परेशानी पेमेंट को लेकर हो रही है. अभी जो व्यवस्था चल रही है उसके अनुसार ई- पॉश मशीन से पेमेंट करना पड़ता है. उसके बाद उससे जो रिसिप्ट निकलता है उसका लॉगइन आईडी सॉफ्टवेयर में डाला जाता है. उसके बाद ही पेमेंट कनफर्म होता है और लाइसेंस बनाने का प्रॉसेस शुरू हो जाता है. सबसे अधिक परेशानी सॉफ्टवेयर को लेकर होती है, कभी सॉफ्टवेयर खराब होता है तो पेमेंट नहीं हो पाती है और काम रुक जाता है.

डेवलप हो रहा सॉफ्टवेयर

एनआईसी की ओर से परिवहन विभाग के लिए ई-ग्रास पेमेंट गेटवे सॉफ्टवेयर डेवलप किया जा रहा है. इसको वहन सारथी फोर के साथ जोड़ा जाएगा और परिवहन विभाग को सीधा पैसा मिलेगा. इस सेवा के शुरू होने के बाद ड्राइविंग लाइसेंस बनाने वाले लोगों की परेशानी खत्म हो जाएगी.

अभी चल रहा ट्रायल

अभी जो कार या बाइक का रजिस्ट्रेशन कराने के लिए वन टाइम टैक्स कलेक्ट किया जा रहा है वह इसी पेमेंट गेटवे के माध्यम से ही किया जा रहा है. प्राइवेट और कॉमर्शियल कार का जो टैक्स परिवहन विभाग द्वारा लिया जा रहा है, वो ई-ग्रास पेमेंट सेवा के माध्यम से ही लिया जा रहा है. नागेंद्र पासवान बताते हैं कि अभी ट्रायल चल रहा है, 26 दिसंबर से इस सेवा को शुरू किया जाएगा. उस दिन से इस पेमेंट गेटवे के माध्यम से ही पेमेंट करना शुरू कर दिया जाएगा.

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क्या है ई-ग्रास सेवा

ई- ग्रास सेवा एक तरह का पेमेंट गेटवे है. इस सॉफ्टवेयर के माध्यम से ड्राइविंग लाइसेंस बनाने वाले को पहले अपना सारा डिटेल्स ऑनलाइन अपलोड करना होगा. उसके बाद पेमेंट का ऑप्शन आएगा. वहां कार्ड से पेमेंट करेंगे, पेमेंट कनफर्म होते ही आगे का प्रॉसेस शुरू हो जाएगा.