दवा कारोबारी हत्याकांड में पुलिस ने पांच आरोपियों को पकड़ा

1200 रुपए में बम बनवाकर दिया था घटना को अंजाम

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ALLAHABAD: मेजा रोड में दवा कारोबारी विनोद कुमार ओझा की हत्या पैसे के विवाद में हुई थी. पुलिस ने हत्याकांड का खुलासा करते हुए हत्यारोपी युनुस, संतोष, जावेद, विकास और हनीफ को गिरफ्तार कर लिया. विनोद की हत्या में बम तैयार करने के लिए सिर्फ 12 सौ रुपए खर्च किए गए थे. बम मारकर हत्या करने वाले को सिर्फ डेढ़ हजार रुपये दिया गया था.

जिल्लत से तंग आ चुका था

शुक्रवार शाम पुलिस लाइन सभागार में पुलिस ने हत्यारोपियों को मीडिया के सामने पेश किया. एसएसपी नितिन तिवारी, एसपी यमुनापार दीपेंद्र चौधरी ने बताया कि विनोद कुमार ओझा मेडिकल शाप चलाने के साथ ही बीसी का काम भी करते थे. इसके साथ ही वह लोगों को पैसा भी उधार देते थे. कोटहा गांव के मो. युनुस अंसारी ने कई माह पहले विनोद से विजेंद्र को 76 हजार रुपये दिलवाए थे. उसने 40 हजार रुपये वापस कर दिया था. 36 हजार रुपये अब भी बकाया था. बकाया रकम के लिए विनोद आए दिन युनुस से गाली-गलौज करता और सबके सामने अपमानित भी करता. हत्याकांड से तीन दिन पहले घर जाकर भी युनुस को परिवार के सामने गालियां दी थीं.

दस हजार में दिया था मर्डर का ठेका

गाली गलौज और जिल्लत से परेशान होकर युनुस ने अपने दोस्त संतोष मिश्रा से मदद मांगी. संतोष बिजली विभाग से बर्खास्त लाइनमैन था और अनंतापुर में रहता था. संतोष ने युनुस से 10 हजार रुपये मांगे और अपने गांव के विकास गौतम उर्फ कल्लू हायर किया. इसके बाद मवईया मेजा के पटाखा कारोबारी मो. हनीफ से संपर्क करके 12 सौ रुपये में बम बनवाया. योजना के मुताबिक, सात अगस्त की शाम हनीफ का भांजा लेहड़ी उरुवा निवासी जावेद व विकास मेजा रोड पर पहुंचे और दुकान में घुसकर विनोद की बम मारकर हत्या कर दी. घटना से सनसनी फैल गई थी. गुरुवार को इंस्पेक्टर मेजा गजानंद चौबे, इंस्पेक्टर जेपी शाही, एसआइ राकेश राय, संतोष सिंह, ज्ञानेश कुमार, मनोज, दिनेश की टीम ने आरोपितों को दबोच लिया. उनके कब्जे से बाइक व मोबाइल बरामद हुआ.

पहले भी जेल जा चुका है पटाखा कारोबारी

एसपी यमुनापार ने बताया कि पटाखा बनाने वाला बुजुर्ग हनीफ 65 साल का है. वह करीब 40 साल पहले चोरी के एक मामले में जेल जा चुका है. उसका बेटा भी शुक्रवार को 377 के मामले में गिरफ्तार हुआ है. एसएसपी ने युनुस से 40 हजार रुपये लेकर उसे बचाने की सिफारिश करने वाले कथित पत्रकार को भी गिरफ्तार करने के आदेश दिए हैं. पुलिस अन्य अभियुक्तों का आपराधिक रिकार्ड भी खंगाल रही है.