क्त्रन्हृष्ट॥ढ्ढ : रांची जिला के पासपोर्ट पुलिस वेरीफिकेशन में फिसड्डी होने की बड़ी वजह यहां के थानों का ई-पुलिस वेरीफिकेशन से जुड़ा नहीं होना है. दरअसल, डीजीपी डीके पांडेय ने दो माह पहले ही पासपोर्ट पुलिस वेरीफिकेशन में तेजी लाने के लिए जिले पांच थानों को ई-पुलिस वेरीफिकेशन ने जोड़ने का निर्देश दिया था, लेकिन रांची पुलिस को डीजीपी के आदेश की भी परवाह नहीं है. न तो यहां के पांच थाने पुलिस ई-वेरीफिकेशन से जुड़ पाए हैं और न ही पासपोर्ट वेरीफिकेशन के काम में ही तेजी आ पाई है. ऐसे में पासपोर्ट के लिए आवेदन करने वालों को परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है.

3 दिन में मिल जाएगा पासपोर्ट

अगर थानों में ई-पुलिस वेरीफिकेशन सेवा शुरु हो जाए तो महज तीन दिन में ही पुलिस वेरीफिकेशन के साथ आवेदकों को पासपोर्ट इश्यू कर दिया जाएगा, लेकिन यह हवा-हवाई साबित हो रही है. मालूम हो कि सामान्य परिस्थितियों में 9 दिनों के अंदर पासपोर्ट पुलिस वेरीफिकेशन का काम पूरा होना है, लेकिन इन जिलों में कम से कम 25 दिन लग जा रहे हैं.

स्मार्ट फोन से बन जाएगी बात

ई पुलिस वेरीफिकेशन शुरू करने के लिए किसी वैकल्पिक व्यवस्था की जरूरत नही है. केवल स्मार्टफोन या टैब के जरिये इसकी शुरुआत की जा सकती है.थम्ब इम्प्रेसन से लेकर डीजिटल सिग्नेचर भी व्यवस्थित हो जाएंगे, लेकिन पुलिस इसकी शुरुआत् तक नही कर रही.

आईओ करते है मिठाई वसूली

वेरिफिकेशन के दौरान थाने के जिस अधिकारी को पहचान के लिए ऑथराइज किया जाता है वह आवेदक से जल्दी पासपोर्ट वेरीफिकेशन के दावे के बदले मिठाई वसूली करते हैं. हालांकि यह मिठाई नगद भुगतान वाली होती है. आवेदको से कहा जाता है की जल्दी से जल्दी पासपोर्ट आफिस भेज देंगे लेकिन प्रक्रिया में महीने लग जाते हैं.

हर साल पासपोर्ट आफिस करती 1.5 करोड़ पेमेंट

पुलिस विभाग को पासपोर्ट ऑफिस के द्वारा हर साल वेरीफिकेशन करने के एवज में तकरीबन 1.5 करोड़ रुपये का भुगतान किया जाता है. पासपोर्ट हेतु पुलिस वेरिफिकेशन के लिए प्रति पासपोर्ट 150 रुपये पेमेंट का प्रावधान है.आंकड़े बताते हैं कि हर साल 1 लाख पासपोर्ट औसतन निर्गत किये जाते हैं.

बोकारो के दो थानों में फैसिलिटी

बोकारो जिले में दो थानों को ई पुलिस वेरीफिकेशन से जोड़ा गया है. इन दोनो थानों में महज तीन दिन के भीतर पासपोर्ट हेतु वेरीफिकेशन कर लिया जा रहा है. रांची के 5 थानों जमशेदपुर के 5 थानों और हजारीबाग़ के तीन थानों को भी ई-पुलिसवेरिफिकेशन से जोड़ना है. लेकिन मामला खटाई में है.

क्या है ई-पुलिस वेरीफिकेशन

ई-पुलिसवेरिफिकेशन की प्रक्रिया में आवेदक को सूचना मिलने पर स्वयं थाना में उपस्थित होकर अपने सारे दस्तावेजों को उपलब्ध कराया जाता है. पुलिसकर्मी इसे ऑनलाइन अपडेट करते हुए आवेदक की डिजीटल सिग्नेचर लेकर उसे सिस्टम पर लोड कर देते हैं. आवेदक द्वारा दी गयी जानकारी को डाटाबेस से मिलाने के बाद महज दो दिनों के भीतर स्थानीय जांच कर रिपोर्ट जारी कर दी जाती है.

डिजिटल रुप में होते हैं डॉक्यूमेंट्स

पासपोर्ट ऑफिस जो आग्रह पत्र भेजती है वह इलेक्ट्रॉनिक रूप में होता है. वेरिफिकेशन रिपो‌र्ट्स भी इलेक्ट्रॉनिक भेजी जाती है लेकिन आवेदक के हस्ताक्षर ओर दस्तावेजों की जांच फिजीकली की जाती है.पासपोर्ट मेंआवेदक की ई-सिग्नेचर नही ली जाती.

स्टेट्स का चलेगा पता, समय बचेगा

ई-पुलिस वेरीफिकेशन शुरू होने से लोगो को कई तरह के फायदे होंगे. उन्हें जांच का स्टेटस पता रहेगा, उनके हस्ताक्षर के बेस्ड ही रिपोर्ट तैयार होगी, समय कम लगेगा,खर्च कम लगेगा, मैन पावर कम लगेगा, अवैध वसूली भी रुकेगी.