8 टेलीकॉम कंपनियों पर लाइसेंस शुल्क की रकम बकाया

शहर में लगे हुए है 8 टेलीकॉम कंपनियों के 167 टावर

MEERUT। आप अगर टेलीफोन का बिल समय पर न भरें तो फोन से सिग्नल गायब होने में देर नहीं लगती, लेकिन अरबों रुपए का बिजनेस करने वाली टेलीकॉम कंपनियां नगर निगम में तीन साल से लाइसेंस शुल्क जमा नहीं कर रही हैं। यह रकम 2.50 करोड़ रुपए है। नगर निगम ने बकाया वसूली के लिए टेलीकॉम कंपनियों को नोटिस भेजा है। हालांकि पहले भी नोटिस भेजा गया है, लेकिन किसी कंपनी ने जवाब देना भी जरूरी नहीं समझा। अब अगर बकाया जमा न हुआ तो आरसी भी जारी हो सकती है।

शहर में 167 टॉवर

नगर निगम के मुताबिक तो शहर में 8 टेलीकॉम कंपनियों के 167 टॉवर हैं। इन कंपनियों को प्रत्येक टॉवर के हिसाब से 50 हजार रूपये प्रतिवर्ष लाइसेंस शुल्क जमा करना पड़ता है।

करोड़ रुपये बकाया

नगर निगम का 8 टेलीकॉम कंपनियों पर 2 करोड़ 50 लाख 50 हजार रुपये बकाया है। यदि इस बार नोटिस के बाद भी कंपनियों ने निगम में रूपया जमा नहीं किया तो निगम इन्हें आरसी जारी कर देगा।

दबा रखी थी फाइल

दरअसल, जब नगर आयुक्त ने पिछले वित्तीय वर्ष में कम वसूली होने की समीक्षा की। नगर आयुक्त ने पिछले वित्तीय वर्ष में निगम को होने वाली आय के प्रत्येक मद की समीक्षा की। समीक्षा में निकलकर आया कि 8 टेलीकॉम कंपनियों ने शहर के 167 टावरों का लाइसेंस शुल्क पिछले तीन साल से जमा नहीं किया गया है।

8 टेलीकॉम कंपनियों ने टावर का लाइसेंस शुल्क तीन साल से जमा नहीं किया है। अनेक बार नोटिस भेज चुके हैं लेकिन अंतिम बार फिर नोटिस भेजकर चेतावनी दी गई है। इसके बाद सभी को आरसी जारी की जाएगी।

राजेश कुमार, संपत्ति अधिकारी, नगर निगम

2.50 करोड़ रुपए से हो सकते हैं कई विकास कार्य

इस रकम से करीब 2 से 2.5 किलोमीटर लंबी नई सड़क का निर्माण हो सकता है।

इस रकम से निगम के 7400 रुपये प्रतिमाह पर काम करने वाले 2215 संविदा कर्मचारियों को मिल सकता है करीब डेढ़ माह का वेतन।

इस रकम से इंदौर की तर्ज पर शहर में दो बड़े मंकी हाउस बनाए जा सकते हैं। इससे शहर को आवारा बंदरों से छूट मिलेगी।

इस रकम से छह वाडऱ्ो में हो सकते हैं तकरीबन 42-42 लाख के विकास कार्य।