कानपुर। हाल के वर्षों में वैज्ञानिकों ने यह दावा किया था कि धरती की मैग्नेटिक फील्ड में लगातार बदलाव हो रहा है, जिसके द्वारा धरती के नार्थ और साउथ पोल आपस में उलट जाएंगे।

उत्‍तरी और दक्षिणी ध्रुव दोनों आपस में पलट जाएंगे
डेलीमेल की रिपोर्ट के मुताबिक वैज्ञानिकों का मानना है कि अगर ऐसा होता है तो धरती के वायुमंडल पर जबरदस्त बुरा असर पड़ेगा और धरती की तमाम इलेक्ट्रिक ग्रिड्स तबाह हो सकती हैं। यहीं नहीं सूरज से आने वाला सोलर रेडिएशन लोगों की जान के लिए मुसीबत बन सकता है। इस स्थिति में नार्थ पोल, साउथ पोल कहलाएगा और साउथ पोल नार्थ पोल बोला जाएगा। वैज्ञानिकों के मुताबिक पिछली बार ऐसा कब हुआ था इस संबंध में यह माना जा रहा था कि कई लाख सालों में धीरे धीरे धरती का मैग्नेटिक सिस्टम बदल जाता है लेकिन हालिया रिसर्च बता रही है कि धरती के मैग्नेटिक पोल्स यानि उत्‍तरी और दक्षिणी ध्रुव कुछ शताब्दियों के भीतर ही आपस में बदल सकते हैं।

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करीब 7 लाख 80 हजार साल पहले बदल गए थे धरती के मैग्नेटिक पोल्स
फोर्ब्‍स की रिपोर्ट के मुताबिक अभी तक वैज्ञानिक अनुमान लगा रहे थे कि धरती के मैग्नेटिक पोल्स 2 से 3 लाख साल में आपस में बदल जाते हैं। एक ताजा शोघ के आधार पर बताया जा रहा है कि अब से करीब 7 लाख 80 हजार साल पहले धरती के मैग्नेटिक पोल्स आपस में बदले थे। इस हिसाब से अब यह घटना कभी भी हो सकती है। जब कभी भी धरती की मैग्नेटिक फील्ड पलटती है तब कोई भी कंपास नार्थ पोल को साउथ पोल और साउथ पोल को नॉर्थ पोल बताएगा। वैज्ञानिक बता रहे हैं फिलहाल धरती की मैग्नेटिक फील्ड लगातार बदल रही है और इस बदलाव के दौरान इसमें जबरदस्त कमी के लक्षण भी नजर आ रहे हैं। साल 1840 के बाद से मैग्‍नेटिक फील्‍ड में कमी की रफ्तार तेज हो गई है। हालांकि वैज्ञानिक अभी पक्‍के तौर पर यह कहने में असमर्थ हैं कि धरती की मैग्‍नेटिक फील्‍ड में तेज बदलाव के कारण पोल्‍स निकट भविष्‍य मे पलट सकते हैं या नहीं।

सोलर रेडिएशन से जिंदगी होगी खतरे में!
वैज्ञानिकों के मुताबिक जब कभी भी धरती के मैग्नेटिक पोल्स यानी उत्तरी और दक्षिणी ध्रुव आपस में बदलते हैं तो इससे धरती के चारों और मौजूद मैग्नेटिक फील्ड बहुत कमजोर पड़ जाती है। इसका परिणाम यह होता है कि अंतरिक्ष से आने वाले तमाम स्‍पेस रेडिएशन और सौर तूफान सीधे धरती के वायुमंडल में घुसकर यहां रहने वाले इंसान और जानवरों की जिंदगी को खतरे में डाल सकते हैं। इस सोलर रेडिएशन के कारण धरती पर मौजूद तमाम इलेक्ट्रिक ग्रिड तबाह हो सकते हैं।

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चीन की गुफाओं के भीतर मिला नया राज
डेलीमेल की रिपोर्ट के मुताबिक हाल ही में ऑस्ट्रेलिया नेशनल यूनिवर्सिटी के वैज्ञानिकों ने धरती के भीतर मैग्नेटिक फील्ड में होने वाले बदलाव को लेकर दक्षिणी-पश्चिमी चीन की गुफाओं में जाकर लंबा अध्ययन किया। यह अध्ययन पिछले 107,000 से 91,000 सालों के बीच धरती की मैग्नेटिक फील्ड में हुए बदलावों को दर्शाता है। जिसके मुताबिक आश्चर्यजनक रूप से सिर्फ दो से तीन शताब्दियों के भीतर ही धरती के मैग्नेटिक पोल्‍स पूरी तरह से पलट गए थे। चौंकाने वाली बात यह है कि इस दौरान धरती की मैग्नेटिक फील्ड में 90% तक की कमी देखी गई, जो वाकई डराने वाली है।

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