-दि इंटरनेशनल डे फॉर डिजास्टर रिडक्शन के मौके पर हरी झंडी दिखाएंगे महापौर

-दैनिक जागरण और बीएल एग्रो के सहयोग से आयोजित होगी वॉक

-नेहरू युवा केंद्र में जुटेंगे शहरवासी, सुबह साढे़ सात बजे शुरू होगी वॉक

बरेली : भूकंप के प्रति शहर को जागरूक करने के लिए ट्यूजडे का कुछ दिन खास होगा. बड़ी संख्या में लोग एक साथ जुटेंगे और एक मिलकर जागरूकता की ओर बदम बढ़ाएंगे. मौका होगा द इंटरनेशनल डे फॉर डिजास्टर रिडक्शन के मौके पर दैनिक जागरण और बीएल एग्रो के सहयोग से आयोजित होने वाली स्मार्ट वॉक का. इसके जरिए शहरवासियों को भूकंप के प्रति जागरूक किया जाएगा. इसके साथ ही स्मार्ट सिटी और स्मार्ट सिटीजन का संदेश भी इसी वॉक के जरिए शहरवासियों को दिया जाएगा.

कुछ माह पूर्व ही दैनिक जागरण भूकंप के प्रति शहरवासियों को जागरूक करने को महाअभियान चला चुका है. जिसके जरिए लोगों को प्रशिक्षित भी किया गया. भूकंप एक ऐसी आपदा है जिसका पता नहंीं लगाया जा सकता. इससे होनी वाली क्षति का भी अंदाजा नहीं लगाया जा सकता. नेपाल में आया भूकंप इसका ताजा उदाहरण है जिसमें भारी तबाही हुई. ऐसी आपदा से निपटने के लिए लोग जागरूक बन सकें और आपदा से निपटने तैयार हो सकें इसके लिए दैनिक जागरण ने प्रयास किया. अब इसके लिए दैनिक जागरण ट्यूजडे को स्मार्ट वॉक आयोजित कर रहा है. नेहरू युवा केंद्र से सुबह साढ़े सात बजे इसकी शुरूआत होगी. बीएल एग्रो के सहयोग से आयोजित होने वाली इस स्मार्ट वॉक में शहरवासियों के साथ तमाम स्कूल कॉलेज के सैकड़ों छात्र प्रतिभाग करेंगे. वॉक का शुभारंभ महापौर डॉ. आइएस तोमर, नगर आयुक्त शीलधर सिंह यादव, एसआरएमएस के एमडी आदित्य मूर्ति, बीएल एग्रो के चेयरमैन घनश्याम खंडेलवाल झंडी दिखाकर रवाना करेंगे.

वॉक नेहरू युवा केंद्र से शुरू होकर सर्किट हाउस चौराहा, एसएसपी ऑफिस, डीएम कंपाउंड, चौकी चौराहा तक जाएगी. यहीं से वापसी होगी और वॉक नेहरू युवा केंद्र पर ही समाप्त होगी. जिसमें इन्वर्टिस विश्वविद्यालय, एसआरएमएस, आरबीएमआइ, फ्यूचर कॉलेज के साथ शहर के विभिन्न स्कूल कॉलेज के छात्र इसमें शामिल भूकंप के प्रति जागरूकता का संदेश देंगे.

स्मार्ट सिटी के प्रति भी करेंगे जागरूक

वॉक का मकसद लोगों को जागरूक करना है. चाहें वो भूकंप जैसी आपदा से निपटने के लिए हो या फिर स्मार्ट सिटी के लिए. संदेश दिए जाएंगे कि भूकंप विरोधी मकान बनाएं, भूकंप के दौरान कैसे खुद को बचा सकते हैं. इसके साथ ही शहर को स्मार्ट बनाने में किस तरह से सहयोग दे सकते हैं. छोटी-छोटी आदतें बदलकर हम न केवल खुद को बल्कि शहर को भी स्मार्ट बना सकते हैं. सार्वजनिक स्थानों पर कूड़ा फेंकने, यातायात नियमों का पालन, सार्वजनिक स्थानों को साफ सुथरा रखने जैसे संदेश भी देंगे. क्योंकि हम जागरूक होंगे बदलाव तभी आएगा.

क्या है दि इंटरनेशनल डे फॉर डिजास्टर रिडक्शन

दि इंटरनेशनल डे फॉर डिजास्टर रिडक्शन की शुरूआत 1989 में संयुक्त राष्ट्र संघ की पहल से हुई. इसका मकसद ग्लोबल कल्चर ऑफ डिजास्टर रिडक्शन, आपदा के निवारण जैसे मुद्दे शामिल थे. लोग बात कर सकेंगे कि आपदा से निपटने की. बाद में इस दिवस को अक्टूबर के दूसरे वेडनसडे को मनाना शुरू कर दिया गया. 2009 में संयुक्त राष्ट्र संघ ने इसको 13 अक्टूबर को मनाने का एलान किया.

यह होगा रूट

शुभारंभ : नेहरू युवा केंद्र, समय साढ़े सात बजे

रूट : सर्किट हाउस चौराहा, एसएसपी ऑफिस, डीएम कंपाउंड, चौकी चौराहा से वापस होकर नेहरू युवा केंद्र पर समाप्त होगी.