- दिल्ली में मौजूद अपनों का फोन पर पूछते रहे हालचाल

- आखों में तारी हुआ एक साल पुराने जलजले का खौफ

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ALLAHABAD: दिल्ली में रविवार को भूकंप आया तो इलाहाबाद में भी हड़कंप मच गया. जैसे ही लोगों ने देश की राजधानी में 6.8 तीव्रता के भूकंप आने की खबर सुनी, एक साल पुरानी घटना याद आ गई. जब, शहर ने दो दिनों तक लगातार भूकंप के झटकों को महसूस किया था और अगले कई दिनों तक लोग इस सदमे से उबर नहीं सके थे. इसलिए जैसे ही उन्हें खबर मिली, सबसे पहले फोन पर अपनों का हालचाल लिया.

लोगों को नहीं हुआ विश्वास

पिछले साल 25 और 26 अप्रैल को पूरे उत्तर भारत में आए भूकंप से इलाहाबाद और आसपास के शहर हिल गए थे. कई सालों बाद भूकंप के झटकों से ऊंची-ऊंची इमारतें हिल गई थीं. कई बिल्डिंग्स की दीवारों पर दरार आ गई थी. जिससे चारों ओर दहशत तारी हो गई थी. इसके एक सप्ताह बाद पुन: संगम नगरी ने भूकंप के झटके महसूस किए तो लोग परेशान हो गए. समय बीत गया लेकिन लोगों के जेहन में यादें ताजा रहीं. रविवार को दिल्ली समेत पूरे उत्तर भारत में भूकंप आने की सूचना मिली तो लोगों की रूह कांप गई.

करने लगे कंफर्म, लिया हालचाल

जैसे ही दिल्ली और श्रीनगर में भूकंप आने की सूचना मिली लोगों ने इलाहाबाद में इसके असर को लेकर कंफर्म करना शुरू कर दिया. मोबाइल फोन पर झटके महसूस होने की ताकीद की. बता दें कि इलाहाबाद में इस भूकंप का कोई असर नहीं रहा. बावजूद इसके लोग परेशान रहे. एडवोकेट दिलीप कुमार के भाई किसी काम से दिल्ली गए हुए हैं. उन्होंने सूचना मिलते ही मोबाइल फोन पर उनका हालचाल लिया. इसी तरह कपड़ा व्यापारी दिनेश अग्रवाल का बड़ा बेटा राहुल भी शनिवार की रात दिल्ली गया था. मोबाइल फोन पर उसने सबकुछ कुशल मंगल होने की सूचना दी तो दिनेश के परिवार ने राहत की सांस ली. हालांकि, इस बीच अफवाहों का बाजार गर्म रहा.

सुरक्षित है इलाहाबाद

फिलहाल टेंशन की बात नहीं है. भूकंप के झटकों से इलाहाबाद सेफ है. हमारे शहर को जोन थ्री में रखा गया है, जिनमें शामिल शहरों में भूकंप आने का खतरा कम होता है. मौसम विज्ञानी कहते हैं कि दोआबा का क्षेत्र होने की वजह से नदियां और इनकी रेत की वजह से जमीन झटकों का आब्जर्व कर लेती है. जिससे जब तक काफी तीव्रता का भूकंप न हो, दिक्कत पैदा नहीं होगी.