- सहजनवां क्षेत्र के एक इंटर कॉलेज में दो छात्रों से परेशान हुए प्रिंसिपल

- भूकंप की जानकारी देने वाला मॉडल बनाने के नाम पर लगाई चपत

SAHJANWA: सहजनवां क्षेत्र के एक इंटर कॉलेज में अनोखा मामला सामने आया है. यहां पढ़ने वाले दो छात्रों ने मंगलवार को डीएम ऑफिस पहुंचकर प्रिंसिपल के खिलाफ खुद को परेशान किए जाने की शिकायत की. छात्रों के मुताबिक उन्होंने 15 मिनट पहले ही भूकंप के बारे में सूचना देने वाला यंत्र बनाया था, लेकिन प्रिंसिपल उस मॉडल का फॉर्मूला मांगने लगे. फॉर्मूला न देने पर हमारा नाम काटकर स्कूल से निकाल दिया. वहीं स्कूल के प्रिंसिपल का कहना है दोनों छात्रों ने पूरे स्कूल की नाक में दम करके रख दिया है.

यह है पूरा मामला

तिलौरा निवासी विकास कुमार और पाली का शैलेष 12वीं कक्षा के छात्र हैं. दोनों सहजनवां स्थित एक इंटर कॉलेज में पढ़ते हैं. नेपाल में भूकंप की तबाही देखकर दोनों ने एक मॉडल तैयार किया. भूकंप आने के 15 मिनट पहले सूचना देने वाला यंत्र बनाया. शुरुआती दौर में स्कूल प्रशासन ने छात्रों की मदद की. मॉडल बनाने के लिए दोनों को 10 हजार रुपए की मदद दी गई.

छात्रों का आरोप है कि उनके स्कूल प्रिंसिपल मॉडल बनाने में उनकी मदद की. मॉडल का सफल परीक्षण भी कराया गया. एक दिन प्रिंसिपल ने मॉडल मंगा लिया. इसके बाद वह फॉर्मूला देने का दबाव बनाने लगे. फॉर्मूला न देने पर प्रिंसिपल नाराज हो गए. उन्होंने दोनों को डांटकर भगा दिया. भूकंप के बारे में जानकारी देने वाला मॉडल भी तोड़कर फेंक दिया. दोनों का नाम स्कूल से काटकर बाहर का रास्ता दिखा दिया. छात्रों ने डीएम ऑफिस में एप्लीकेशन देकर कार्रवाई की मांग की.

प्रिंसिपल हुए परेशान

वहीं जब इस बारे में स्कूल के प्रिंसिपल से बात की गई तो एक अलग ही कहानी निकलकर सामने आई. प्रिंसिपल के मुताबिक जब इन दोनों छात्रों ने भूकंप की जानकारी देने वाला मॉडल बनाने की बात कही तो उन्होंने अपनी सैलरी से दस हजार रुपए दिए. लेकिन इसके बाद छात्रों ने प्रोजेक्ट पूरा नहीं किया और अपने मॉडल के बारे में तरह-तरह की अफवाहें फैलाने लगे. प्रिंसिपल का कहना है यह दोनों अपने इस तथाकथित प्रोजेक्ट के नाम पर पैसे वसूलने की कोशिश कर रहे हैं.

वर्जन

दोनों छात्रों ने मॉडल बनाने के लिए मुझसे संपर्क किया. उनकी बात सुनकर मुझे लगा कि इनको प्रोत्साहन मिलना चाहिए. इस वजह से मैंने अपने वेतन से उनको 10 हजार रुपए की मदद दे दी. वह जब मॉडल बनाकर लाए तो जालसाजी सामने आ गई. उनके मॉडल में ऐसा कुछ नहीं था जैसा उन लोगों ने दावा किया था. इसके बाद दोनों स्कूल से गायब हो गए. बाद में दोनों फोन करके सबको परेशान करने लगे. उनकी हरकतों से पूरा स्कूल एक माह से डिस्टर्ब है.

-सभाजीत सिंह, प्रधानाचार्य