- पूर्वोत्तर राज्य में पहली बार बनेंगे सेंटर

- क्लैट क्रियान्वयन समिति की बैठक में लिया गया निर्णय

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LUCKNOW: कॉमन एडमिशन लॉ टेस्ट- ख्0क्भ् की एंट्रेंस एग्जाम के लिए अब हिंदी व अंग्रेजी में उपलब्ध कराए जाएंगे. साथ ही, पहली बार क्लैट इंट्रेंस का आयोजन पूर्वोत्तर राज्यों में भी किया जाएगा. यह फैसला शनिवार को डॉ. राम मनोहर लोहिया नेशनल लॉ यूनिवर्सिटी में क्लैट क्रियान्वयन समिति की सम्पन्न हुई बैठक में किया गया. यूनिवर्सिटी के वीसी और क्लैट-ख्0क्भ् आयोजन समिति के अध्यक्ष प्रो. गुरदीप सिंह की अध्यक्षता में यह बैठक आयोजित की गयी.

कोर कमेटी की मुहर का इंतजार

बैठक के दौरान क्लैट में शामिल होने वाले सभी क्8 नेशनल लॉ यूनिवर्सिटी के कुलसचिवों ने भाग लिया. बैठक में क्लैट एग्जाम का आयोजन हिंदी में भी कराने का प्रस्ताव उठा. अभी तक क्लैट अंग्रेजी भाषा में ही होता आया है. प्रो. गुरदीप का कहना था कि उत्तर भारत हिंदी भाषी क्षेत्र है. यहां पर हिंदी का अधिक उपयोग होता है. इस क्षेत्र से बड़ी संख्या में छात्र क्लैट एग्जाम में बैठते हैं. उनकी भाषा सम्बंधी समस्या को देखते हुए क्लैट के प्रश्न पत्र हिंदी भाषा में भी बनाए जाने पर चर्चा की गयी. चर्चा के दौरान काफी विचार-विमर्श के बाद शामिल सदस्यों ने इस पर सहमति दे दी है. हालांकि, क्लैट कोर समिति के सदस्यों की सहमति मिलने के बाद ही यह निर्णय लागू होगा.

यूपी में भी बनेंगे चार जिलों में एग्जाम सेंटर

अभी तक क्लैट के लिए एग्जाम सेंटर देश के बड़े शहरों में बनाए जाते थे, लेकिन इस बार प्रो. गुरदीप सिंह ने एग्जाम को स्टूडेंट फ्रेंडली बनाने के लिए छोटे शहरों में भी एग्जाम सेंटर बनाने का फैसला किया है. इस बार यूपी में लखनऊ के अलावा वाराणसी, इलाहाबाद, आगरा व गोरखपुर में भी एग्जाम सेंटर बनाया जाएगा.

पूर्वोत्तर राज्यों में भी होंगे एग्जाम सेंटर

क्लैट में अभी तक पूर्वोत्तर में कई राज्यों में एग्जाम सेंटर नहीं बनता था. मीटिंग के दौरान इस मसले पर प्रस्ताव पारित कर शिलांग, जम्मू के अलावा कश्मीर घाटी में श्रीनगर, हरियाणा के कुरुक्षेत्र, उत्तराखंड में देहरादून व शिमला में भी एग्जाम सेंटर बनाने का निर्णय लिया गया है.

एग्जाम से पूर्व होगा मॉक टेस्ट

वीसी प्रो. गुरदीप सिंह ने बताया कि छात्रों को एग्जाम के पहले मॉक टेस्ट की व्यवस्था की उपलब्ध कराई जाएगी. उन्होंने बताया कि पहली बार ऑनलाइन एग्जाम हो रहा है. काफी छात्र कम्प्यूटर पर एग्जाम देने में समर्थ नहीं होते हैं. ऐसे में कम्प्यूटर पर एग्जाम देने का अभ्यास करने के लिए मॉक टेस्ट की व्यवस्था की गयी है. इसके अलावा क्लैट इंट्रेंस में पहली बार दृष्टिबाधितों के लिए विशेष व्यवस्था की जाएगी. इसके लिए सर्विस प्रोवाइडर को निर्देश दिया गया है.