शिक्षा के मंदिर में नहीं हो पा रही शिक्षकों की भरपाई

1129 शिक्षकों की कमी माध्यमिक शिक्षा विभाग

Meerut. शिक्षा के मंदिर में बच्चों को बेहतर पढ़ाई देने के लिए शासन स्तर से तमाम कवायद की जा रही है, लेकिन इन योजनाओं को अमलीजामा पहनाना विभाग के लिए फिलहाल टेढ़ी खीर साबित हो रहा है. वजह स्कूलों में बड़ी संख्या में टीचर्स की कमी है, जिसकी वजह से स्कूलों में स्तरीय शिक्षा दिला पाना विभाग के लिए चुनौती बन रहा है.

407 स्कूल जनपद में माध्यमिक शिक्षा विभाग के

2,20,000 स्टूडेंट्स इन स्कूलों मे ग्रहण कते हैं.

42 गवर्मेट स्कूल

442 पद स्वीकृत

224 शिक्षक तैनात

218 शिक्षकों की कमी

133 एडेड स्कूल

2801 शिक्षकों के पद

1801 शिक्षक तैनात

1000 शिक्षकों की कमी

232 वित्तविहीन स्कूल

422 टीचर्स के पद

264 शिक्षक तैनात

168 शिक्षकों की कमी

अन्य पद भी खाली

38 प्रिंसिपल

7 हेड क्लर्क

280 फोर्थ क्लास

46 क्लर्क

े भी जानें

जीआईसी में हिंदी का एक भी टीचर नहीं

सरकारी स्कूल कायस्थ बड्ढा में हिंदी, इंग्लिश और मैथ्स का टीचर नहीं

जानी, कपसाढ़, बहरामपुर में हिंदी, इंग्लिश, मैथ्स के टीचर नहीं

20 से अधिक रिटायर्ड टीचर्स ने किया है पढ़ाने के लिए अप्लाई

यह भी कमी

स्कूलों में नहीं हैं सीसीटीवी कैमरे

नहीं लगी हैं बॉयोमैट्रिक मशीनें

बाउंड्री वाल व प्ले ग्राउंड नहीं

कई स्कूलों में फर्नीचर भी नहीं

रिटायर्ड शिक्षकों के आवेदन आ चुके हैं. शिक्षकों की कमी को दूर करने के लिए उन्हें पढ़ाने के लिए बुलान की योजना भी तैयार की गई है.

गिरजेश कुमार चौधरी, डीआईओएस