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-12460 शिक्षक भर्ती विवाद में छह माह से नौकरी कर रहे शिक्षकों पर लटक रही तलवार

-कोर्ट ने शून्य पद वाले जिलों की काउंसलिंग पर उठाए थे सवाल

फैक्ट फाइल

- 15 दिसंबर 2016 को 12460 शिक्षक भर्ती के लिए जारी हुआ आदेश

- 21 दिसंबर 2016 को जारी हुआ विज्ञापन

- 26 दिसंबर से शुरू हुआ आवेदन

- 18 मार्च 2017 को शुरू हुई पहली काउंसलिंग

- 23 अप्रैल 2018 को दूसरी बार शुरू हुई काउंसलिंग

- 01 मई 2018 को चयनित अभ्यर्थियों को जारी हुआ नियुक्ति पत्र

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PRAYAGRAJ: सूबे के परिषदीय स्कूलों में 12460 शिक्षक भर्ती के जरिए नौकरी कर रहे करीब चार हजार शिक्षकों की नौकरी पर संकट के बादल छाए हुए हैं. प्रक्रिया में अनियमितता करार देते हुए हाईकोर्ट की ओर से काउंसिलिंग प्रक्रिया कैंसिल कर दी गई. इससे करीब छह माह से नौकरी कर रहे हजारों युवाओं की नौकरी को लेकर संशय हो गया है. अभ्यर्थी पर अब हाईकोर्ट की डबल बेंच में अपील करने की तैयारी में है. इसके लिए अभ्यर्थियों ने सरकार से भी मदद की गुहार लगाई है.

ट्विटर अभियान चलाकर किया विरोध

12460 सहायक अध्यापक भर्ती में चयनित अभ्यर्थियों द्वारा ट्विटर अभियान चलाया गया है. इसमें मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ, बेसिक शिक्षा मंत्री अनुपमा जायसवाल और अपर मुख्य सचिव प्रभात कुमार को ट्वीट करते हुए सरकार द्वारा राम जनक मौर्या मामले में आए हुए आदेश के खिलाफ अपील करने का आग्रह किया गया है. अभ्यर्थियों का कहना है कि राम जनक के ऑर्डर में बेसिक शिक्षा नियामवली के 14 क नियम को सही माना और तीन महीने के अंदर दुबारा काउंसिलिंग कराकर भर्ती पूरी करने को कहा है. जबकि मई 2018 में नियुक्त इन अभ्यर्थियों की नियुक्ति भी उसी नियम से हुई है जिस नियम को कोर्ट ने सही माना है. यह भर्ती पिछले 2 साल से रुकी थी, जिसे 15 मार्च के लखनऊ धरने के उपरांत मुख्यमंत्री की मुलाकात के बाद पुन: चालू किया गया. इसमें बाद में मुख्यमंत्री योगी जी गोरखपुर में बेसिक शिक्षा मंत्री के उपस्थिति में अपने हाथों से 1 मई 2018 को नियुक्ति पत्र भी वितरित किया था.

करेंगे अपील

इलाहाबाद लीगल टीम के सदस्य अखिलानंद यादव, दीपक सिंह, कोमल यादव, उमेश कुशवाहा ने बताया कि आदेश के आते ही अपर मुख्य सचिव प्रभात कुमार ने सरकार द्वारा अपील में जाने की बात कही गई थी. उसी क्रम में अभ्यर्थियों ने उप सचिव बेसिक शिक्षा परिषद से भी मुलाकात की और उन्होंने बताया कि जो लोग स्कूल में है उनकी नियुक्ति के साथ कोई छेड़छाड़ नहीं होगी. उन्होंने 12 को सचिव बेसिक शिक्षा परिषद जी के समक्ष इस विषय को रखने को कहा है. कोर्ट खुलते ही चयनित अभ्यर्थी कोर्ट में सरकार के साथ इस आदेश के खिलाफ अपील भी करेंगे.