11.50-सभी पार्षद सदन में पहुंचे

12.05 मेयर पहुंची

12.50 पार्षदों ने बोलना शुरू किया

3.00 लंच हुआ

3.40 सदन फिर शुरू

4.55 110 पार्षदों की बात पूरी हुई

5.00 अवस्थापना निधि को लेकर चर्चा

5.40 मुख्य अभियंता के खिलाफ वेल पर जाने की तैयारी

6.00 शासनादेशों पर चर्चा शुरू हुई

7.05 प्रश्नकाल शुरू

- पहली बार 110 वार्डो के पार्षदों ने दो-दो मिनट में अपनी समस्या बयां की

- प्रश्नकाल में जलभराव, सफाई, स्ट्रीट लाइट और कचरा कलेक्शन के मुद्दे उठे

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LUCKNOW: करीब आठ माह का लंबा इंतजार खत्म हुआ. शनिवार को निगम में आयोजित सामान्य सदन में शायद ही ऐसा कोई पार्षद हो, जिसके मन में विकास ना होने के जख्म नजर ना आए हों. सबसे पीड़ादायक स्थिति में तो सत्ता पक्ष नजर आया. पहली बार लागू हुई नई व्यवस्था के अनुसार, सभी 110 वार्डो के पार्षदों ने दो-दो मिनट में अपने-अपने वार्ड की प्रमुख समस्याओं को सदन में रखा. हालांकि पार्षदों को अपनी समस्याओं के निस्तारण का कोई ठोस जवाब नहीं मिल सका. देर शाम तक चले सदन में कई बार हंगामे की स्थिति भी बनी. कभी कोरम को लेकर तो कभी अपनी बात रखने को लेकर. महत्वपूर्ण बात यह थी कि हंगामा सत्ता-विपक्ष के पार्षदों के बीच नहीं बल्कि निगम के उन अधिकारियों को लेकर हुआ, जो हमेशा से पार्षदों की मांगों को लेकर नजरअंदाज करते नजर आ रहे थे. हालांकि एक-दो मौकों पर भाजपा और सपा के पार्षद सामने आए. कई पार्षद तो मुख्य अभियंता के खिलाफ बेल में भी जा रहे थे, लेकिन अन्य पार्षदों ने किसी तरह स्थिति संभाली.

महिला पार्षदों ने उठाई आवाज

अमूमन साइलेंट जोन में नजर आने वाली महिला पार्षद इस बार एक्शन मोड में नजर आईं. अयोध्यादास द्वितीय वार्ड की पार्षद कुमकुम राजपूत ने तो प्रश्नकाल शुरू होने से पहले आक्रामक रूख अख्तियार कर लिया और जीएम जलकल के खिलाफ आवाज बुलंद कर दी. उन्होंने जीएम को मंच पर बुला लिया और उनसे वो लिस्ट मांग ली, जिसमें उनके वार्ड में खराब पड़े हैंडपंप को दुरुस्त किए जाने का जिक्र हो. पार्षद को लिस्ट तो दी गई, लेकिन वह संतुष्ट नहीं हुईं. उन्होंने यह तक कह दिया कि सब झूठ है. हालांकि नगर आयुक्त डॉ. इंद्रमणि त्रिपाठी ने उन्हें समेत सभी पार्षदों को आश्वस्त किया कि किसी भी वार्ड में अगर हैंडपंप खराब हैं तो उसे तत्काल सुधारा जाएगा.

4 घंटे में 11 प्रमुख समस्याएं आईं सामने

हर पार्षद को सदन में बोलने के लिए दो-दो मिनट का समय दिया गया था. 12 बजकर 50 मिनट पर पार्षदों ने अपना दर्द बयां करना शुरू किया. यह दौर शाम करीब पौने पांच बजे तक चला. इस दौरान लगभग सभी वार्डो से दस प्रमुख समस्याएं सामने आईं.

पहली समस्या-जलभराव व नाला सफाई

जगदीश चंद्र बोस वार्ड के पार्षद सैय्यद यावर हुसैन रेशू ने प्रमुखता से जलभराव की समस्या उठाई. उन्होंने कहा कि नाला सफाई में बरती गई लापरवाही से जनता जलभराव से परेशान हुई है. जिम्मेदारों पर कार्रवाई हो.

विशेष-95 अन्य वार्डो से भी यही समस्या सामने आई

दूसरी समस्या-सफाई कर्मी

राजा बिजली पासी वार्ड की पार्षद राजवती ने सफाई कर्मियों की संख्या कम होने का मुद्दा उठाया. उन्होंने कहा कि सफाई कर्मी कम होने से सफाई व्यवस्था प्रभावित हो रही है.

विशेष-70 अन्य वार्डो से भी यही समस्या उठी

तीसरी समस्या-सीवर समस्या

मालवीय नगर वार्ड की पार्षद ममता चौधरी ने सीवर समस्या को सामने रखा. उन्होंने प्रस्ताव दिया कि उनके वार्ड में खाली पड़ी 23 हजार स्क्वॉयर फिट की जमीन पर कल्याण मंडप का निर्माण कराया जाए.

विशेष-90 अन्य वार्डो से भी सीवर समस्या उठी

चौथी समस्या-अतिक्रमण

इब्राहिमपुर द्वितीय वार्ड के पार्षद रमेश कुमार ने अतिक्रमण की समस्या को उठाया. उन्होंने तत्काल कदम उठाए जाने की मांग उठाई.

विशेष-75 अन्य वार्डो से भी यही समस्या सामने आई

पांचवीं समस्या-जलनिकासी

इस्माइलगंज द्वितीय वार्ड के पार्षद समीर पाल सोनू ने जलनिकासी की समस्या को उठाया. उन्होंने इस समस्या को दूर करने की मांग की.

विशेष-77 अन्य वार्डो में यही मांग उठी

छठी समस्या-एलईडी-कचरा कलेक्शन

हजरतगंज वार्ड से पार्षद नागेंद्र सिंह चौहान ने खराब हो रही एलईडी, अव्यवस्थित कचरा कलेक्शन का मामला उठाया और कार्रवाई करने की मांग की

विशेष-करीब 80 वार्डो से उक्त समस्या सामने आई

सातवीं समस्या-पार्किग

लालकुआं वार्ड के पार्षद सुशील तिवारी पम्मी ने शहर में व्यवस्थित पार्किंग की व्यवस्था की मांग उठाई. जिससे जाम की समस्या से निजात मिल सके.

विशेष-15 अन्य वार्डो से उक्त समस्या उठी

आठवीं समस्या-जमीनों पर कब्जा

इंदिरा गांधी प्रियदर्शनी वार्ड से पार्षद रामकुमार वर्मा ने निगम की जमीनों पर कब्जा किए जाने का मामला उठाया. निगम की जमीनों को खाली करने की कार्रवाई की मांग की गई.

विशेष-13 अन्य वार्डो से यही समस्या उठी

नौंवी समस्या-टॉयलेट

शंकरपुरवा द्वितीय वार्ड से पार्षद अनीता पाल ने सुलभ टॉयलेट्स की मांग उठाई. कहा, टॉयलेट्स का निर्माण कराया जाए.

विशेष-35 अन्य वार्डो से यही समस्या उठी

दसवीं समस्या-ट्यूबवेल

बाबू कुंड बिहारी वार्ड के पार्षद सुधीर कुमार मिश्रा ने नलकूपों को रिबोर कराने और ट्यूबवेल लगाए जाने की मांग की. जिससे पानी संकट खत्म हो.

विशेष-करीब 65 अन्य वार्डो से उक्त समस्या उठी

ग्यारहवीं समस्या-रोड कटिंग-अवैध डेयरियां

सुभाष चंद्र बोस वार्ड के पार्षद रजनीश कुमार गुप्ता ने अवैध डेयरियों और रोड कटिंग का मामला उठाया. उन्होंने सवाल उठाया कि आखिर सड़कों की बदहाली के लिए कौन जिम्मेदार है.

विशेष-77 अन्य वार्डो से यही समस्या उठी

ये मांगें भी उठीं

1-वार्ड 2 में सफाई कर्मी कम मिलने पर कार्यदायी संस्था के खिलाफ कार्रवाई

2-वार्ड 5 में 22 हजार लोगों के लिए तीन पानी की टंकी की मांग

3-सभी वार्डो में रिटायर्ड कर्मचारियों के स्थान पर नए कर्मचारियों को जिम्मेदारी

4-नालों की सिल्ट उठाने के लिए समय निश्चित हो

5-गंदे जलापूर्ति के लिए जिम्मेदारों पर कार्रवाई हो

कुछ प्रमुख झलकियां

सदन में पार्षदों के मुंह से जुमले भी सुनाई दिए..

12 बज गया, बिरयानी नहीं आई..

पार्षद पति पीछे बैठे, जाये नहीं..

पूर्व सीएम अखिलेश के नारे गूंजे..

सदन में भारत माता के नारे गूंजे

हम स्कूल में नहीं आए हैं.. हम तो बोलेंगे..

हमारी संयुक्ता भाटिया मेयर, नहीं कर पा रही लखनऊ की केयर

अध्यक्ष महोदय, कृपया चाय का इंतजाम कराएं..

खास बातें

1-कोरम की संख्या को लेकर पार्षद गिरीश ने किया हंगामा, सत्ता पक्ष ने दिया जवाब

2-सदन शांत रखने को मेयर ने 11 बार अपील की

3-पार्षदों ने अधिकारियों पर कसा तंज, आप तो सिर्फ विधायकों की सुनते हैं, जान लें, हम मालिक हैं और वो किराएदार

4-पार्षदों के पीछे बैठ गए ईईएसएल के अभियंता, बाद में सामने बुलाए गए

5-पार्षदों ने उठाई आवाज तो आनन-फानन में बुलाए गए ईकोग्रीन एडवाइजर अभिषेक सिंह

6-पार्षदों ने बेहतर कार्यप्रणाली के लिए मेयर -नगर आयुक्त की जमकर तारीफ की

7-सदन से पहले सभागार में लगे 25 नए एसी, पार्षदों ने किया स्वागत लेकिन रातों रात एसी लगने से उठे कई सवाल भी

8-सदन में पानी की बोतल दी गईं, पार्षदों ने सवाल उठाए कि यह बैन प्लास्टिक से तो नहीं बनीं

9-पहली बार सदन में घंटी और स्टॉप वॉच का हुआ प्रयोग

10-पार्षद पति और प्रतिनिधियों को नहीं मिली एंट्री

11-तीन बाहरी व्यक्तियों को मेयर ने खुद बाहर करवाया

12-सदन में हुई ऑडियो-वीडियो रिकॉर्डिग