मुंबई(ब्यूरो)। फिल्म 'व्हाट विल पीपुल से' (लोग क्या कहेंगे) में एकावली पाकिस्तानी किरदार में हैं। कोलकाता में अपने घर पर उन्होंने इस फिल्म को लेकर बातचीत की :
ऑस्कर के नामांकन पर आपकी प्रतिक्रिया?
बहुत गर्व महसूस हो रहा है। वहां फिल्म को क्या मिलेगा, यह तो आने वाले वक्त में पता चलेगा, लेकिन वहां तक पहुंचना ही हमारे लिए किसी जीत से कम नहीं है। 
आपका रोल एक पाकिस्तानी महिला का है?
हां जी, मेरे किरदार का नाम नजमा है। मैं और आदिल एक पाकिस्तानी दंपती के रोल में हैं, जो अपना देश छोड़कर नार्वे में आ बसे हैं। उनके तीन बच्चे हैं। खास तौर पर बड़ी बेटी का अपनी मां के साथ कई मुद्दों पर मतभेद है। बहुत ही संवेदनात्मक रोल है, जिससे हर मां और बेटी खुद को जुड़ा महसूस कर सकती है। हमारी फिल्म की डायरेक्टर इराम हक पाकिस्तान से हैं, जो नॉर्वे में बस चुकी हैं। फिल्म का प्रोडक्शन नॉर्वे की कंपनी ने किया है। 
यह फिल्म आपको कैसे मिली?
अभिषेक बनर्जी कास्टिंग डायरेक्टर हैं। उनके साथ मैं पहले 'डियर डैड' (अरविंद स्वामी की फिल्म) में काम कर चुकी हूं। उन्होंने इस रोल का प्रस्ताव दिया। मैंने ऑडिशन दिया और फिर मेरा सेलेक्शन हो गया। 

फिल्म के भारतीय सिनेमाघरों में भी रिलीज होने की संभावना है?
यह फैसला प्रोडक्शन टीम को लेना है। मैं तो उम्मीद कर सकती हूं कि यहां भी फिल्म रिलीज हो। अमेरिका सहित कई देशों में फिल्म रिलीज हो चुकी है। कई इंटरनेशनल अवार्ड जीत चुकी है। आदिल को नॉर्वे का राष्ट्रीय पुरस्कार तक मिल चुका है। 

ऑस्कर तक पहुंचना किसी कलाकार के लिए इतना अहम क्यों होता है?
इससे इंटरनेशनल सिनेमा में आपको पहचान मिलती है। कई देशों तक आपकी फिल्म जाती है। काम किसी भी स्तर पर हो, एक कलाकार के लिए सबसे बड़ी बात होती है, जब उसकी सराहना होती है। ऑस्कर नामांकित फिल्म का हिस्सा होना ही गर्व की बात होती है, जिसे मैं इन दिनों महसूस कर रही हूं। 
हिंदी में आप कम फिल्मों में काम करती हैं?
ऐसा नहीं है। 'अंग्रेजी में कहते हैं' में मुझे काफी तारीफ मिली। 'वीरे दी वेडिंग' में छोटा-सा रोल था, लेकिन दर्शकों ने मुझे नोटिस किया। मैं कोलकाता में अपने परिवार के साथ रहती हूं। जब जहां मुझे बुलाया जाता है, मैं वहां पहुंच जाती हूं। मुंबई से कोई बुलाता है, तो मैं वहां चली जाती हूं। 
आपकी आने वाली फिल्में?
हॉलीवुड की फिल्म है 'द फील्ड', जो अगले महीने रिलीज होगी। इसमें नीरज काबी ('मसान' के निर्देशक और 'तलवार' के एक्टर), रोनित राय और फ्रांस की एक्ट्रेस कारलोटे पोरटेल मुख्य भूमिकाओं में हैं। हिंदी में 'छोटे नवाब' मेरी अगली फिल्म होगी, जिसका निर्देशन कुमुद चौधरी ने किया है। 'यारीगिरी' फिल्म है, जिसके निर्देशक अमित जोशी हैं और विक्रांत मैसी, सनी सिंह ('सोनू के टीटू की स्वीटी' फेम) और मैं खास किरदारों में हैं। दो नई फिल्में जल्द शुरू होंगी, जिनके बारे में अभी बातें करना ठीक नहीं होगा।
अनुज अलंकार 

मुंबई(ब्यूरो)। फिल्म 'व्हाट विल पीपुल से' (लोग क्या कहेंगे) में एकावली पाकिस्तानी किरदार में हैं। कोलकाता में अपने घर पर उन्होंने इस फिल्म को लेकर बातचीत की :

ऑस्कर के नामांकन पर आपकी प्रतिक्रिया?

बहुत गर्व महसूस हो रहा है। वहां फिल्म को क्या मिलेगा, यह तो आने वाले वक्त में पता चलेगा, लेकिन वहां तक पहुंचना ही हमारे लिए किसी जीत से कम नहीं है। 

आपका रोल एक पाकिस्तानी महिला का है?

हां जी, मेरे किरदार का नाम नजमा है। मैं और आदिल एक पाकिस्तानी दंपती के रोल में हैं, जो अपना देश छोड़कर नार्वे में आ बसे हैं। उनके तीन बच्चे हैं। खास तौर पर बड़ी बेटी का अपनी मां के साथ कई मुद्दों पर मतभेद है। बहुत ही संवेदनात्मक रोल है, जिससे हर मां और बेटी खुद को जुड़ा महसूस कर सकती है। हमारी फिल्म की डायरेक्टर इराम हक पाकिस्तान से हैं, जो नॉर्वे में बस चुकी हैं। फिल्म का प्रोडक्शन नॉर्वे की कंपनी ने किया है। 

यह फिल्म आपको कैसे मिली?

अभिषेक बनर्जी कास्टिंग डायरेक्टर हैं। उनके साथ मैं पहले 'डियर डैड' (अरविंद स्वामी की फिल्म) में काम कर चुकी हूं। उन्होंने इस रोल का प्रस्ताव दिया। मैंने ऑडिशन दिया और फिर मेरा सेलेक्शन हो गया। 

फिल्म के भारतीय सिनेमाघरों में भी रिलीज होने की संभावना है?

यह फैसला प्रोडक्शन टीम को लेना है। मैं तो उम्मीद कर सकती हूं कि यहां भी फिल्म रिलीज हो। अमेरिका सहित कई देशों में फिल्म रिलीज हो चुकी है। कई इंटरनेशनल अवार्ड जीत चुकी है। आदिल को नॉर्वे का राष्ट्रीय पुरस्कार तक मिल चुका है। 

ऑस्कर के लिए पहुंची इस भारतीय अभिनेत्री की फिल्म

ऑस्कर तक पहुंचना किसी कलाकार के लिए इतना अहम क्यों होता है?

इससे इंटरनेशनल सिनेमा में आपको पहचान मिलती है। कई देशों तक आपकी फिल्म जाती है। काम किसी भी स्तर पर हो, एक कलाकार के लिए सबसे बड़ी बात होती है, जब उसकी सराहना होती है। ऑस्कर नामांकित फिल्म का हिस्सा होना ही गर्व की बात होती है, जिसे मैं इन दिनों महसूस कर रही हूं। 

हिंदी में आप कम फिल्मों में काम करती हैं?

ऐसा नहीं है। 'अंग्रेजी में कहते हैं' में मुझे काफी तारीफ मिली। 'वीरे दी वेडिंग' में छोटा-सा रोल था, लेकिन दर्शकों ने मुझे नोटिस किया। मैं कोलकाता में अपने परिवार के साथ रहती हूं। जब जहां मुझे बुलाया जाता है, मैं वहां पहुंच जाती हूं। मुंबई से कोई बुलाता है, तो मैं वहां चली जाती हूं। 

आपकी आने वाली फिल्में?

हॉलीवुड की फिल्म है 'द फील्ड', जो अगले महीने रिलीज होगी। इसमें नीरज काबी ('मसान' के निर्देशक और 'तलवार' के एक्टर), रोनित राय और फ्रांस की एक्ट्रेस कारलोटे पोरटेल मुख्य भूमिकाओं में हैं। हिंदी में 'छोटे नवाब' मेरी अगली फिल्म होगी, जिसका निर्देशन कुमुद चौधरी ने किया है। 'यारीगिरी' फिल्म है, जिसके निर्देशक अमित जोशी हैं और विक्रांत मैसी, सनी सिंह ('सोनू के टीटू की स्वीटी' फेम) और मैं खास किरदारों में हैं। दो नई फिल्में जल्द शुरू होंगी, जिनके बारे में अभी बातें करना ठीक नहीं होगा।

अनुज अलंकार 

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