-मेजा के देवहटा घाट पर नहाते समय डूबने से दोनों की हुई मौत, परिजनों में कोहराम

PRAYAGRAJ: मेजा के देवहटा घाट पर रविवार सुबह गंगा नहाते समय डूब रही चचेरी बहन यशस्वी मिश्रा उर्फ साक्षी (15) को बचाने में स्वप्निल मिश्रा (19) भी जान से हाथ धो बैठी। दोनों बहनों के डूबने की खबर सुनते ही ग्रामीण दौड़ पड़े। गोताखोरों के साथ मौके पर पहुंची पुलिस ने दोनों के शव को बाहर निकाला। शव को देखते ही परिजनों में कोहराम मच गया। परिजनों ने शव का पोस्टमार्टम कराने से इंकार कर दिया। इस पर पंचनामा भरकर पुलिस ने शव परिजनों को सौंप दिया।

कक्षा सात की छात्रा थी साक्षी

देवहटा गांव निवासी स्वप्निल मिश्रा (19) पुत्री रमेश मिश्रा चचेरी बहन यशस्वी मिश्र उर्फ साक्षी (15) पुत्री कुलदीप मिश्रा पड़ोस की सहेलियों संग सुबह करीब छह बजे गंगा नहाने के लिए देवहटा घाट गई हुई थीं। स्नान के लिए सभी गंगा के पानी में उतर गई। नहाते-नहाते साक्षी गहरे पानी में चली गई और डूबने लगी। चचेरी बहन को डूबते देख स्वप्निल खुद को रोक न सकी और उसको बचाने के लिए उसकी तरफ कूद पड़ी। साक्षी की तरफ बढ़ते ही स्वप्निल भी डूबने लगी। दोनों बहनों को डूबते देख साथ में गई युवतियां शोर मचाने लगीं। उसकी आवाज सुन ग्रामीण दौड़ पड़े। जब तक लोग घाट पर पहुंचे दोनों आंखों से ओझल हो चुकी थीं। ग्रामीण दोनों की तलाश कर ही रहे थे कि गोताखोरों के साथ पुलिस भी घाट पर जा पहुंची। ग्रामीणों की मदद से गोताखोर कड़ी मशक्कत के बाद करीब नौ बजे साक्षी के शव को बाहर निकाला गया। इसके शव को देखते ही परिजनों में कोहराम मच गया। तकरीबन दो घंटे बाद 11 बजे गोताखोरों ने स्वप्निल शव को भी बरामद कर लिया। दोनों बहनों के शव को देखते ही परिजनों में कोहराम मच गया। परिजनों के बिलाप को देख ग्रामीणों की आंखें नम हो गई। बताते हैं कि स्वप्निल ने इसी वर्ष बीएससी की पढ़ाई पूरी की था। जबकि साक्षी तरवाई गांव स्थित गुड शेफर्ड स्कूल में सातवीं की छात्रा थी।