- यूपीसीएल द्वारा आयोग से की गई थी 7.31 परसेंट बिजली टैरिफ बढ़ाने की अपील

देहरादून, लाइन लॉस और घाटे का हवाला देकर बिजली दरें बढ़ाने की यूपीसीएल की मांग उत्तराखंड विद्युत नियामक आयोग (यूईआरसी) ने खारिज कर दी है. यूईआरसी के इस फैसले से पब्लिक को राहत मिली है. यूपीसीएल द्वारा बिजली की दरों में 7.31 परसेंट इजाफा करने का प्रस्ताव दिया गया था.

439 करोड़ का दिखाया घाटा

यूपीसीएल ने यूईआरसी के समक्ष वर्ष 2018-19 के लिए 21 मार्च को वार्षिक राजस्व आवश्यकता व टैरिफ याचिका पेश की गई थी. जिसमें डिस्ट्रिब्यूशन लॉस टारगेट को लेकर 175.54 करोड़ रुपए का दावा किया गया था. आयोग ने याचिका खारिज कर दी, तो यूपीसीएल द्वारा याचिका के विरुद्ध अपीलीय प्राधिकरण नई दिल्ली में अपील दायर की गई, वहां से भी अपील खारिज कर दी गई है. यूईआरसी ने पाया कि यूपीसीएल न सिर्फ लाइन लॉस कम करने में नाकाम रहा है, बल्कि बकाया वसूली में भी लापरवाह रहा है. वहीं बिजली खरीद, शासन की देनदारी, ऊर्जीकरण के कार्यो में गलत तथ्य पेश कर अनावश्यक रूप से उसकी भरपाई के प्रयास किए जाने की बात सामने आई. आयोग ने जब 439 करोड़ रुपये के घाटे का पूरा विवरण खंगाला तो एक-एक कर निगम की दलीलें कमजोर होती रहीं. आयोग के सचिव नीरज सती के अनुसार आखिर में आयोग ने निर्णय लिया कि निगम को बिजली की दरों में इस वित्तीय वर्ष में किसी भी तरह की बढ़ोतरी का अधिकार नहीं है.