दिल्‍ली में खोलना चाहते थे पहली शाखा
सरकार दिल्ली में इसकी पहली शाखा खोलना चाहती थी, लेकिन चुनाव आयोग की आचार संहिता लागू होने की वजह से ऐसा संभव नहीं हो पाया. वित्त मंत्रालय के उच्च पदस्थ सूत्रों ने बताया कि अगले छह माह में भारतीय महिला बैंक की 20 शाखाएं काम करने लगेंगी. मंगलवार को ही मुंबई सहित सात शहरों में इसकी शाखाएं चालू हो जाएंगी. इनमें लखनऊ, गुवाहाटी, कोलकाता, चेन्नई, बेंगलूर, अहमदाबाद शामिल हैं. इन शाखाओं को साफ निर्देश है कि वे शहरी क्षेत्रों में महिला उद्यमिता को बढ़ावा देने के लिए योजनाएं लाएं.

महिलाओं को कम ब्‍याज दर पर कर्ज
समाज के कमजोर वर्ग की महिलाओं को बेहद कम ब्याज दर पर कर्ज देकर उन्हें आर्थिक तौर पर स्वावलंबी बनाने पर खास ध्यान दिया जाएगा. इन शाखाओं पर महिलाओं को न सिर्फ कामकाज शुरू करने के लिए कर्ज दिया जाएगा, बल्कि उन्हें तकनीकी व अन्य प्रशिक्षण भी मुहैया कराए जाएंगे.

एजुकेशन या होम लोन भी आसानी से मिलेंगे
बैंकों से कहा गया है कि वे महिला उद्यमियों को प्रशिक्षित करने के लिए निजी एजेंसियों या गैर सरकारी संगठनों की मदद भी ले सकते हैं. इसके अलावा यहां महिला ग्राहकों को एजुकेशन या होम लोन भी आसानी से मिलेंगे. बैंक का पूंजी आधार एक हजार करोड़ रुपये रखा गया है.

चुनाव के बाद दिल्‍ली शाखा में काम होगा शुरू
विधानसभा चुनाव बाद दिल्ली स्थिति शाखा में काम शुरू हो सकेगा. वित्त मंत्रालय ने चुनाव आयोग से दिल्ली स्थिति शाखा का उद्घाटन प्रधानमंत्री से करवाने को लेकर अनुमति मांगी थी. लेकिन आचार संहिता लागू होने की वजह से ऐसा नहीं हो सका है. उषा अनंतसुब्रमण्यन को भारतीय महिला बैंक का चेयरमैन व मैनेजिंग डायरेक्टर नियुक्त किया गया है. वित्त मंत्री पी चिदंबरम ने बजट 2013-14 पेश करते हुए महिलाओं के लिए बैंक स्थापित करने की घोषणा की थी.

भारतीय महिला बैंक की योजना
1. महिला उद्यमियों को बढ़ावा देने पर होगा जोर
2. गरीब तबके की महिलाओं को कर्ज के साथ मिलेगा प्रशिक्षण
3. होम और एजुकेशन लोन भी मिलेगा आसानी से
4. महिलाओं को वित्तीय साक्षर बनाने के लिए शुरू होगा अभियान
5. महिलाओं को बैंकों से जोड़ने के लिए होगी विशेष स्कीम

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