क्त्रन्हृष्ट॥ढ्ढ: हरमू मुक्तिधाम स्थित विद्युत शवदाह गृह फिर से शुरू होगा. रांची नगर निगम द्वारा इलेक्ट्रिक शवदाह गृह मशीन की मरम्मत की जाएगी. इसके लिए रांची नगर निगम एक्सपोर्ट कंपनियों से सम्पर्क कर रहा है जो देश में इलेक्ट्रिक शवदाहगृह मशीन बनाने का काम कररी हैं. रांची नगर निगम के एक अधिकारी ने बताया कि अब फिर से निगम द्वारा शवदाह गृह मशीन की शुरुआत की जाएगी. इसके लिए बंद पड़ी मशीन की मरम्मत की जाएगी. मशीन ठीक होने के बाद यह तय किया जाएगा कि इसका संचालन कैसे किया जाए. निगम के अधिकारियों ने बताया कि दो महीने में मशीन बनकर तैयार हो जाएगी और फिर से मशीन में ही अंतिम संस्कार शुरू हो जाएगा.

नई मशीन की है जरूरत

करीब चार साल से इस शवदाह गृह में एक भी लाश नहीं जली है. यहां चार साल पहले जो ताला लगाया गया था, उसमें भी अब जंग लग चुकी है. कुछ दिन पहले कानपुर से शवदाहगृह की मशीन का निरीक्षण करने के लिए सर्विस इंजीनियरों का एक दल आया था. इंजीनियरों ने अपनी रिपोर्ट में मशीन पूरी तरह से बर्बाद बताई है. टीम के सदस्यों ने निरीक्षण के बाद जो रिपोर्ट दी, उसमें कहा गया है कि विद्युत शवदाह गृह की मशीन की मरम्मत के बजाय नई मशीन लगा लेना ही बेहतर है. चार साल से अनुपयोगी होने के कारण मशीन पूरी तरह से बर्बाद हो चुकी है. इसकी मरम्मत में लाखों रुपए खर्च तो होंगे लेकिन ये मशीन कितने दिनों तक काम करेगी, इसकी कोई गारंटी नहीं है. इसलिए सबसे बेहतर उपाय यह होगा कि इस पुरानी मशीन को हटा कर नई मशीन ही लगा ली जाए. इसके बावजूद नगर निगम द्वारा इसमें फिर से मेंटेनेंस का काम शुरू किया जा रहा है और मेंटेनेंस पर ही लाखों रुपए खर्च भी किए जाएंगे.

1.43 करोड़ का शवदाह गृह

आरआरडीए द्वारा इस विद्युत शवदाह गृह का निर्माण वर्ष 2008 में पूरा किया गया था. निर्माण व मशीनों के लगाए जाने में 1.43 करोड़ की राशि खर्च हुई थी. वर्ष 2010 में यहां पहली बार लाश जली.

छह शव जला कर हुआ था उदघाटन

शवदाह गृह के उद्घाटन के लिए भी नगर निगम को काफी मशक्कत करनी पड़ी थी. किसी भी व्यक्ति द्वारा यहां लाश नहीं लाए जाने के कारण रिम्स से छह लावारिस लाशों को यहां लाया गया था. इन लाशों को जला कर ही मशीन का उद्घाटन किया गया था. आरआरडीए व नगर निगम की लापरवाही के कारण उद्घाटन के छह माह बाद ही इसमें जो ताला लगा, वो अब तक लगा हुआ ही है.

कोट

हरमू मुक्तिधाम में विद्युत शवदाह गृह की जो मशीन है, उसकी मरम्मत की जाएगी. इसके लिए इस क्षेत्र में काम करने वाली एजेंसियों से आवेदन भी मांगे गए हैं. मशीन की मरम्मत कर पुन: इसे चालू किया जाएगा.

सौरव केसरी, रांची नगर निगम