क्त्रन्हृष्ट॥ढ्ढ : सोमवार की शाम सर्जना चौक के पास बड़ा हादसा टल गया. पांच बजे जिस समय काफी ट्रैफिक थी उसी समय चौक पर बिजली का नंगा तार टूटकर गिर गया. वहां से गुजर रहे लोगों ने करीब 20 मिनट तक पूरे जगह कर घेरे रखा ताकि कोई करंट की चपेट में न आ जाए. इसके बाद बिजली विभाग के कर्मचारी और मिस्त्री पहुंचे. बिजली काटी गई. शुक्र था कि बिजली तार किसी व्यक्ति पर नहीं गिरा वरना हादसा हो सकता था. गौरतलब हो कि पूरे शहर में जिस तरह बिजली के तारों का जंजाल फैला है, कभी भी बड़ा हादसा हो सकता है.

हमेशा बना रहता है डर

मेन रोड में पोल पर लटके तारों के कारण हर दिन खतरा बना रहता है. दोनों साइड फु टपाथ पर लोग सब्जी से लेकर ठेला लगाते हैं, उनके ऊपर कभी भी नंगा तार गिरने का डर बना हुआ है. सबसे अधिक डर उस समय होता है, जब आंधी-तूफ ान आता है. बिजली विभाग के लोग समय- समय पर लाइट काट कर अपनी मौजूदगी का अहसास तो कराते हैं, लेकिन बिजली के इन खुले तारों की ओर किसी का ध्यान नहीं है. आंधी-तूफ ान आने पर फुटपाथ के लोगों को भागना पड़ता है.

पूरे शहर में झूल रहे नंगे तार

मेन रोड के सर्जना चौक से लेकर डेली मार्केट तक बिजली के नंगे तारों का जाल बिछा हुआ है. डेली मार्केट रोड के दोनों साइड तार झूल रहा है. इसके अलावा रोस्पा टावर के पास सबसे अधिक तारों का जंजाल है, दोनों साइड तार ऐसे लटक रहे हैं, जिससे किसी दिन भी कोई हादसा हो सकता है. मेन रोड के अलावा चर्च रोड और थड़पखना में भी तार लटक रहा है. जबकि सबसे अधिक भीड़ इन्हीं जगहों पर रहती है, मेन रोड जहां रांची सहित पूरे राज्य से लोग मार्केटिंग करने पहुंचते हैं.

संकरी गलियों में भी जंजाल

मेन रोड में सबसे अधिक संकरी गली जहां है, वहां नंगे तार लटक रहे हैं. चर्च रोड में तारों का जाल है. डेली मार्केट की संकरी गलियों में भी नंगे तार झूल रहे हैं. थड़पखना में भी तारों के कारण लोगों को हमेशा डर बना रहता है. अपार्टमेंट के सामने ही नंगे तारें झूल रहे हैं. आलम यह है कि अपार्टमेंट के सामने बालकनी में लोग खड़े तक नहीं हो सकते हैं. सामने से तार गुजर रहा है. उस अपार्टमेंट से निकलने वाले लोगों को हमेशा डर लगा रहता है.

वर्जन

मेन रोड में जगह नहीं मिल रहा है, ताकि एक कॉलोनी में ट्रांसफ ारमर लगा कर घरों तक पोल से बिजली का कनेक्शन दिया जा सके. एक ही पोल से बहुत सारे लोग दूर- दूर तक कनेक्शन ले जा रहे हैं. इस कारण परेशानी हो रही है.

अजीत कुमार, सुपरिंटेंडिंग इंजीनीयर, रांची विद्युत सर्किल