-शहर में बिजली मीटर रीडिंग के लिए लगे है तीन कंपनियों के कर्मचारी

-देरी से मीटर रीडिंग लेने पर उपभोक्ता से वसूली जा रही पेनाल्टी

1 किलोवाट का कनेक्शन चार्ज 100 रुपए फिक्स चार्ज

7.50 परसेंट सिटी ड्यूटी चार्ज

5.22 परसेंट रेगुलेटरी सरचार्ज

150 यूनिट तक 4.90 रुपए प्रति यूनिट

150-300 तक 5.00 रुपए प्रति यूनिट

1 लाख 86 हजार कुल उपभोक्ता शहर सिटी के

BAREILLY :

बिजली विभाग लेट बिल पेमेंट के नाम पर कंज्यूमर्स से 'गुंडा टैक्स' ले रहा है. मामला कुछ यूं है कि बिजलीकर्मी मीटर रीडिंग के लिए एक-दो महीने के अंतराल पर पहुंच रहे हैं. ऐसे में कंज्यूमर्स को लेट पेमेंट के अलावा प्रति यूनिट का एक्स्ट्रा चार्ज भुगतना पड़ रहा है. बकाए का कांटा चढ़ता न जाए, इससे बचने के लिए लोग जुर्माना समेत महंगे बिल की रकम भी भुगत ले रहे हैं. हालांकि, कुछ उपभोक्ताओं ने इसकी शिकायत अधिकारियों से की है.

178 कर्मचारी लेते हैं रीडिंग

शहर में मीटर रीडिंग का लिए बिजली विभाग ने ठेके पर तीन कंपनियों को काम दिया है. इन कंपनियों ने महज 178 कर्मचारी रीडिंग के लिए लगाए हैं. जबकि, शहरी क्षेत्र में एक लाख 86 हजार कनेक्शन हैं. हैरत की बात है कि कंपनियों की इस लापरवाही पर बिजली विभाग के अफसर भी मौन साधे हुए हैं. चुप भी क्यों न हो उन्हें तो कंज्यूमर्स से पेनाल्टी के नाम पर राजस्व भी मिल रहा है. इसका खामियाजा पब्लिक भुगत रही है.

बढ़ी रीडिंग का पड़ रहा बोझ

बिलिंग की नई व्यवस्था में सरकार ने 150 यूनिट की मीटर रीडिंग पर 4.90 रुपए प्रति यूनिट शुल्क वसूल किया जाता है. यदि यूनिट की दर 150 से अधिक आती है तो 5 रुपए प्रति यूनिट की दर से शुल्क लिया जाता है. चूंकि, मीटर रीडिंग दो-तीन महीने की एक साथ होने से टोटल यूनिट 150 से अधिक हो जाती है. ऐसे में बिलिंग चार्ज भी बढ़ जाता है. फिर कुल बिल पर लेट पेमेंट का चार्ज अलग से वसूल किया जाता है.

-उपभोक्ताओं की रीडिंग लेने के लिए घर पर निजी कंपनी के कर्मचारी जाते हैं. वह 30 दिन के हिसाब से रीडिंग करते हैं. इसमें देरी की शिकायत तो आई थी. अब समय से रीडिंग के बाद बिल दिया जाएगा.

एमके िमश्रा, एसई

====

दुर्गानगर निवासी अरविन्द ने बताया कि उनकी शॉप पर बिजली कनेक्शन हैं, जिसका तीस दिन से अधिक हो गए मीटर रीडिंग नहीं ली गई. जिसके बाद कर्मचारी रीडिंग लेने के लिए पहुंचा तो बता दिया कि दो माह का बिल बना देंगे. जब दो माह की रीडिंग लेने के बाद बिल दिया तो उसमें पीछे वाले माह की पेनाल्टी भी जुड़कर दे दी.

अरिवन्द, दुर्गानगर

====

बिजली बिल में हर बार यही होता है कभी पेनाल्टी लगा देते हैं तो कभी एक्स्ट्रा जोड़ देते हैं. तीन माह का बिल दिया है इसमें 100 रुपए से अधिक की पेनाल्टी लगा दी. हर माह मीटर रीडिंग लेने के लिए आते नहीं और उपभोक्ताओं पर पेनाल्टी वसूलते हैं.

आरती, महेन्द्र नगर