-अब स्काडा कंट्रोल करेगी जिले के बिजली सप्लाई की व्यवस्था

-जिले के हर फीडर पर लगेगा स्काडा सिस्टम

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VARANASI :
अगर आप लाइन ट्रिपिंग और फीडर के फॉल्ट या कटौती से परेशान है तो आपकी यह परेशानी खत्म होने वाली है. पूर्वांचल विद्युत वितरण निगम ने जिले की बिजली व्यवस्था को हाईटेक करने के साथ नो-ट्रिपिंग जोन करने की तैयारी कर ली है. निगम ने फॉरेन कंट्री की तर्ज पर अब बनारस में बिजली व्यवस्था की निगरानी स्काडा (सुपरवाइजरी कंट्रोल एंड डाटा एक्वेजीशन) के हाथों में सौंपने फैसला लिया है. स्काडा सिस्टम से बनारस के सभी फीडर्स को कंट्रोल करेगा.

पल भर में सप्लाई देगा स्काडा

अधिकारियों की माने तो इसके लिए पॉवर कॉरपोरेशन ने पूर्वाचल विद्युत वितरण निगम को स्काडा लगाने के लिए अनुमति दे दी है. इस डिवाइस के तहत अगर किसी फीडर से फॉल्ट या बिजली कटौती की समस्या आती है तो स्काडा उसे ऑटोमैटिक तरीके से दूसरे फीडर से जोड़कर बिजली आपूर्ति शुरू कर देगा. इससे उपभोक्ताओं को पावर कट की समस्या से काफी हद तक निजात मिल जाएगा. साथ ही 24 घंटे बिजली आपूर्ति में आने वाली समस्याएं भी खत्म हो जाएंगी.


मामूली फॉल्ट में घंटो इंतजार होगा खत्म

बता दें कि शहर में मामूली फॉल्ट आने पर भी फाल्ट लोकेट न होने से उपभोक्ता बिजली आने के इंतजार में घंटो बैठा रहता है. वर्तमान में फाल्ट आने पर सब स्टेशन या फीडर बंद हो जाता है. क्योंकि ट्रिपिंग सिस्टम उपकेन्द्र या फीडर पर लगा होता है. इस समस्या को खत्म करने के लिए विभाग ने वायरलेस सिस्टम के जरिए फाल्ट पकड़ने की वकालत शुरू की है.

2011 में भी बन चुकी थी रणनीति

स्काडा सिस्टम को लगाने की प्लानिंग 2011 में भी हुई थी. लेकिन बजट संबंधी कुछ वजहों से प्लान को अमल में नहीं लाया जा सका. अधिकारियों की माने तो इसे शुरू कराने के लिए पीवीवीएनएल के एमडी अतुल निगम काफी पहले से प्रयासरत थे. इसके लिए बीते दिनों पावर कॉर्पोरेशन ने 76.3 करोड़ के इस प्रोजेक्ट के लिए हरी झंडी दे दी.


बंद कमरे में होगी मॉनीटरिंग

स्काडा के बंद कमरे में लगे कम्प्यूटर स्क्त्रीन पर उपभोक्ताओं की गतिविधियों और बिजली व्यवस्था की हर हरकत पर नजर रखी जाएगी. यहां बनारस के किसी एरिया में फॉल्ट आने पर उसकी जानकारी तुरंत कम्प्यूटर स्क्त्रीन पर दिखने लगेगी. स्क्त्रीन पर आए इंफार्मेशन पर यह भी दिखेगा कि किस कोड नंबर के आरएमयू वाले क्षेत्र में फाल्ट है. इस दौरान वहां तैनात कंट्रोल अफिसर एरिया से संबंधित अभियंता को इसकी सूचना देगा और जब तक फाल्ट दूर नहीं हो जाएगी तब तक मानीटरिंग करता रहेगा.

ये होगा फायदा

स्काडा के तहत ऐसा सर्किट बनाया जाएगा जो पावर कट की समस्या को फौरन दुरुस्त कर दे. इस डिवाइस से किसी भी फीडर के अंतर्गत कोई फॉल्ट आने पर वह पड़ोस के फीडर या उपकेंद्र से आटोमेटिक तरीके से जुड़ जाएगा और प्रभावित एरिया में बिजली की सप्लाई शुरु हो जाएगा.

एक नजर स्काडा पर

- स्काडा सिस्टम कंट्रोल रूम से संचालित

- इस सिस्टम से सभी उपकेन्द्र, सभी फीडर, ट्रांसफॉर्मर व पोल के साथ वितरण लाइनों को आरएमयू से एक-दूसरे में जोड़ा जाएगा

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-ऑनलाइन कंट्रोलिंग के लिए चिन्हित स्थानों पर टॉवर लगाए जाएंगे

- इसके लिए अलग-अलग सर्वर, कम्यूनिकेशन, यूपीएस आदि रूम बनाए जाएंगे

- बनारस के 1400 स्थानों पर आरएमयू लगाए जाएंगे सभी अलग-अलग कोड नंबर होगा

-जिले में 250 से ज्यादा है फीडर

निर्बाध बिजली आपूर्ति के लिए स्काडा सिस्टम लगाने को लेकर कवायद तेज हो गई है. कॉर्पोरेशन बजट रीलिज होने के बाद काम होना है. स्काडा सिस्टम शहर को नो-ट्रिपिंग करने में हेल्प करेगा.

आशीष अस्थाना, एसई-पीवीवीएनएल