-फॉल्ट की प्रॉब्लम से निजात नहीं पा सका बिजली विभाग

- अभी भी 15 से 16 घंटे ही मिल पा रही बिजली

BAREILLY:

शहर में निर्बाध बिजली सप्लाई के सपने पर पानी फिर गया है. डेडलाइन बीत जाने के बाद भी शहर को नो ट्रिपिंग जोन बिजली विभाग नहीं बना सका. लिहाजा, अंधाधुंध बिजली कटौती जारी है. लाइन फाल्ट को दूर की बात लाइन ट्रिपिंग के चलते शहरवासियों को घंटों बिजली नहीं मिल रही है. अपनी लापरवाही का ठीकरा बिजली विभाग बारिश पर फोड़ रहा है.

ट्रिपिंग में कोई सुधार नहीं

शासन के दिशा निर्देश के मुताबिक, लाइन फाल्ट के कारणों को दूर कर बरेली को 31 जुलाई तक नो ट्रिपिंग जोन घोषित किया जाना था, लेकिन विभाग के कर्मचारी ऐसा नहीं कर सके. जबकि, डेडलाइन को बीते 3 दिन हो चुका है. फिर भी बिजली कटौती जारी है. बता दें कि शहर में लाइन ट्रिपिंग की समस्या पहले की तरह ही जारी है. चारों डिवीजनों के अंतर्गत आने वाले 117 फीडर पर हर महीने औसतन 585 बार से अधिक बार लाइन ट्रिप कर रही है. एक बार लाइन ट्रिप करने पर कम से कम 30 मिनट का समय लगता है.

बारिश पर फोड़ रहे ठीकरा

अपनी गलती मानने की बजाय बिजली विभाग के अधिकारी सारा ठीकरा बारिश पर फोड़ रहे हैं. उनका कहना है कि बारिश के कारण लाइन में फाल्ट आ रही है. पिछले कुछ दिन से हो रही मूसलाधार बारिश के कारण कई बार सुरक्षा की दृष्टि से फीडर से सप्लाई बंद भी करनी पड़ी है. पिछले वर्ष की बारिश के महीने से तुलना की जाए तो इस वर्ष फाल्ट कम हुए है.

कैसे रोकनी थी ट्रिपिंग

योजना के मुताबिक शहर को 'नो ट्रिपिंग' जोन बनाने के लिए एक्शन प्लान तैयार किया जाना था. ट्रांसफॉर्मर और फीडर पर एलटीएम एमसीबी और एलटी फ्यूट यूनिट और ट्रिप पोल मैनुअल ऑपरेटर की व्यवस्था करनी थी. ताकि कारणवश कोई फॉल्ट भी हो गया तो पूरे शहर की बत्ती न हो. इसके अलावा बिजली चोरी रोकने, फॉल्ट को खत्म करने पर जोर दिया गया है. प्लान में कहा गया है कि इन शहरों के सभी फीडर पर मीटर लगा दिए जाएंगे. इससे रोजाना की खपत पर निगरानी की जाएगी ताकि समस्या वाले क्षेत्रों की पहचान हो सके.

एक नजर ट्रिपिंग पर

- 117 फीडर शहर में हैं.

- सभी फीडर को मिलाकर रोजाना 4 से अधिक बार ट्रिपिंग.

- 585 बार ट्रिपिंग हर महीने सभी फीडर को मिलाकर होता है.

- 15 से 30 मिनट एक बार ट्रिपिंग आने पर उसे सही होने में लग जाता है.

- 292 घंटे लाइन ट्रिपिंग से महीने में बत्ती रहती है गुल.

नो ट्रिपिंग जोन लागू होने की तिथि - शहर

- 15 जुलाई - वाराणसी, मेरठ, गाजियाबाद और नोएडा.

- 31 जुलाई - बरेली, लखनऊ, मुरादाबाद, अलीगढ़, मथुरा, झांसी और फिरोजाबाद.

- 15 अगस्त - इलाहाबाद, गोरखपुर, शाहजहांपुर, फैजाबाद, सहारनपुर और कानपुर.

लाइन फॉल्ट पर काफी हद तक कंट्रोल हुआ है. बारिश के कारण कई बार सुरक्षा की दृष्टि से सप्लाई बंद करनी पड़ रही जाती है. जिसे फॉल्ट मानना उचित नहीं होगा.

एनके मिश्रा, एसई, बिजली विभाग