बिजली का लोगो

- 24 घंटे की जगह मिल रही 17 घंटे बिजली

- विभाग का ध्यान सिर्फ राजस्व वसूली पर

BAREILLY: देश की आजादी के 71 वर्ष पूरे हो चुके हैं. लेकिन अभी तक जिले के लोगों को अंधेरे से आजादी नहीं मिल सकी है. एक तरफ जहां अंधाधुंध बिजली कटौती हो रही है. वहीं दूसरी ओर जिले में एक दर्जन से अधिक ऐसे गांव हैं जहां पर आजादी के इतने वर्षो बाद भी अभी तक बिजली नहीं पहुंची है. हालांकि, ऐसे गांवों में सौभाग्य योजना के तहत बिजली पहुंचाने के लिए प्रयास किया जा रहा है. लेकिन विभाग के अधिकारी इस योजना से भी लोगों को समय पर जोड़ पाने में नाकाम साबित हो रहे हैं.

17 घंटे मिल रही बिजली

प्रदेश के पूर्व सीएम अखिलेश यादव के समय से ही जनता से 24 घंटे निर्बाध बिजली सप्लाई का वादा किया जा रहा है. योगी सरकार आने के बाद भी इस दिशा में निर्देश जारी किए गए. लेकिन कोई खास फायदा नहीं हुआ. 24 घंटे की जगह लोगों को 17 से 18 घंटे ही बिजली मिल रही है. उसमें भी बिजली की आवाजाही लगी हुई है. निर्बाध बिजली सप्लाई के लिए जो प्लान बने वह भी धरातल पर नहीं उतर सके.

400 करोड़ प्रोजेक्ट बना तबेला

पूर्व सरकार ने शहर में बेहतर बिजली के लिए 400 करोड़ रुपए का स्कॉडा प्रोजेक्ट लेकर आई थी. सभी बिजली घरों को जोड़ने के लिए रामपुर गार्डेन में रिंगमैन के लिए बिल्डिंग भी बनकर तैयार हो गई थी. लेकिन बाद में प्रोजेक्ट को ही बंद कर दिया गया. अब जाकर शहर को नो ट्रिपिंग जोन बनाने की पहल की जा रही है. शहर को 31 जुलाई तक नो ट्रिपिंग जोन घोषित किया जाना था. लेकिन विभाग इसमें भी कामयाब नहीं हो सका. लिहाजा, दिन रात बिजली कटौती जारी है.

रोड पर भी छाया रहता है अंधेरा

रोड पर उजाला के लिए नगर निगम ने स्ट्रीट लाइट तो लगवा रखी है, लेकिन ज्यादातर एरिया में रोड पर अंधेरा ही छाया रहता है. स्ट्रीट लाइट खराब पड़े हुए हैं. जबकि, नगर निगम ने 50 किलोवॉट का बिजली कनेक्शन लिया है. स्ट्रीट लाइट के 22 हजार प्वॉइंट हैं. हर वर्ष 8 करोड़ रुपए का बिजली बिल बन रहा है. लेकिन इसका फायदा राहगीरों को नहीं मिल पा रहा है. जिन एरिया में स्ट्रीट लाइट सही है वहां टाइमर नहीं लगे हैं. लिहाजा, तो सही है वह दिन में भी बेवजह जलते रहते हैं.

एक नजर ट्रिपिंग पर

1.86 लाख बिजली उपभोक्ता हैं.

150 मेगावॉट बिजली रोजाना सप्लाई होती है.

50 करोड़ रुपए हर महीने का बिजली बिल जनरेट होता है.

4 डिवीजन में बंटा हैं शहर.

117 फीडर शहर में हैं.

4 से अधिक बार ट्रिपिंग होती है सभी फीडर को मिलाकर रोजाना

585 बार ट्रिपिंग हर महीने सभी फीडर को मिलाकर होता है.

15 से 30 मिनट एक बार ट्रिपिंग आने पर उसे सही होने में लग जाता है.

292 घंटे लाइन ट्रिपिंग से महीने में बत्ती रहती है गुल.

मेरे एरिया में दो दिन से बिजली ठीक ढंग से नहीं आ रही है. जेई को फोन करों तो रिसीव नहीं होता है. काफी दिक्कत हो रही है.

-संदीप सिंह, राजेंद्र नगर

कल रात रात 12 से सुबह 4 बजे तक बिजली नहीं थी. शिकायत के बाद भी समस्या का निस्तारण नहीं किया गया. जबकि, हम लोग समय पर बिजली बिल का भुगतान कर रहे हैं.

प्रमोद, किला

बिजली की आवाजाही से काफी परेशानी होती है. कई बल्ब फ्यूज हो गए. अधिकारी सिर्फ बेहतर बिजली देने का वादा करते हैं. उसके लिए कोई प्रयास नहीं किया जाता.

मनोज, सिविल लाइंस