बिजली कर्मचारियों के साथ साठ-गांठ कर लगाई जा रही हैं शंट चिप

देहरादून.

बिजली मीटर में शंटिंग करके बड़े पैमाने पर बिजली चोरी की जा रही है. विभाग ने चोरी को रोकने के लिए इलेक्ट्रॉनिक मीटर लगाए गए थे, लेकिन शंट-चिप और बिजली कर्मचारियों की मिलीभगत से विभाग को खूब पलीता लग रहा है. हालांकि विजिलेंस टीम छापेमारी भी कर रही है. इसके बावजूद धड़ल्ले से बिजली चोरी जारी है.

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ऐसे हो रहा है खेल

इलेक्ट्रॉनिक मीटरों की सील तोड़कर इसमें तीन शंट लगाए जाते हैं. इससे मीटर की स्पीड स्लो हो जाती है. ऐसा नहीं है कि इसकी भनक मीटर रीडिंग कर्मचारियों को नहीं लग पाती हो, बल्कि ये गेम पूरी तरह से साठ-गांठ के साथ चलता है. कुछ जगहों पर तो लोग कर्मचारियों से ही शंट चिप लगवा लेते हैं.

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खंभों पर नहीं जवाबदेही

अधिकतर ऐसी जगहों पर दिक्कत आ रही है जहां बिजली विभाग ने घर के बाहर खंभों पर मीटर लगा दिए हैं. खंभों पर लगे मीटरों की सील जब टूटी मिलती है तो लोग भी मना कर देते हैं कि उनकी जानकारी में नहीं कि ये किसने तोड़ा. ऐसे में विभाग भी लाचार नजर आता है.

बेमानी हुए इलेक्ट्रोनिक मीटर

पहले विभाग मैकेनिकल मीटर लगाता था. इनमें मीटर बैक किया जा सकता था. इसे रोकने के लिए विभाग की ओर से इलेक्ट्रॉनिक मीटर लगाए गए वे भी घर के बाहर. यही नहीं विजल केबल की जगह बंच केबल डाले गए, ताकि लोग केबल से बिजली चोरी न कर सकें. इसके बावजूद चोरी नहीं रुकी और विभाग की सारी कवायद बेकार चली गई.

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पकड़े जा चुके हैं मामले

झाझरा स्थित बालाजी मंदिर के पास मीटर की शंटिंग की वजह से बिजली चोरी की जा रही थी. इस पर छापेमारी करते हुए विभाग ने 70 हजार रुपये का जुर्माना लगाया था.

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मोहब्बेवाला में एक आटा चक्की पर भी शंटिंग की शिकायत मिली थी. जिस पर छापेमारी करते हुए बिजली विभाग की ओ से ढाई लाख रुपये का जुर्माना लगाया गया था.

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ये तरीका भी अपना रहे

शंटिंग के अलावा लोग डिवाइस का भी यूज कर रहे हैं. दरअसल एक छोटी डिवाइस लेकर इसे मीटर के अंदर लगा दिया जाता है. जिसे पूरी तरह से रिमोट कंट्रोल करता है. इस रिमोट से जब मर्जी मीटर ऑन और ऑफ हो जाता है. महीने में उपभोक्ता दस दिन ही मीटर चलाते हैं और बाकि दिन बिजली चोरी करते रहते हैं. ये डिवाइस दिल्ली से खरीदकर लाई जाती हैं.

कई जगह मैकेनिकल मीटर

कई जगहों पर अभी मैकेनिकल मीटर ही चल रहे हैं. खासकर सेलाकुई, धर्मपुर, आराघार, नेहरू कॉलोनी आदि जगहों पर अब भी मैकेनिकल मीटर चल रहे हैं, जिन्हें हटाने जब विभाग की टीम जाती है तो लोग राजनैतिक दबाव बनाने लगते हैं.

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मीटर शंटिंग की शिकायतें अक्सर मिलती रहती हैं. जिन पर विजिलेंस टीम छापेमारी करती है. इस पर जुर्माना लगाने और एफआईआर की कार्रवाई की जाती है.

एके सिंह, प्रवक्ता, ऊर्जा निगम