- अगस्त महीने में 566 लोगों यहां बिजली की चोरी होते हुए मिली

BAREILLY:

बिजली विभाग के अफसर बिजली चोरी रोक पाने में पूरी तरह से नाकाम साबित हो रहे हैं. सिर्फ अगस्त महीने में ही बरेली जोन में हुई 910 छापेमारी में 566 लोगों को बिजली की चोरी करते हुए पकड़ा गया. इनमें से दर्जनों लोग ऐसे मिले जिनका बिजली की चोरी या बिल बकाया में बहुत पहले ही बिजली कनेक्शन काट दिए गए थे. इससे यह बात साफ है कि रेगुलर मॉनीटरिंग नहीं होने का फायदा बिजली चोर उठा रहे हैं. जो कि कटिया मारकर धड़ल्ले से बिजली की चोरी कर रहे हैं और सरकारी राजस्व को चूना लगा रहे हैं.

मास रेड भी नहीं आ रहा काम

बरेली शहर, ग्रामीण और जोन के बाकी जिलों में विभाग ने बिजली की चोरी रोकने लिए मास रेड अभियान चलाया था. जिनमें सभी डिवीजनों के अधिकारी और कर्मचारियों ने एक साथ मिलकर छापेमारी की थी. 1 अगस्त से अब तक 910 बार छापेमारी की गई. जिनमें से 566 लोगों के यहां कटिया मारकर, मीटर बाइपास कर, शंट लगाकर बिजली की चोरी करते हुए पकड़ा. 202 लोगों ने तो मौके पर ही शमन शुल्क जमा कर दिए. जुर्माना नहीं भरने पर 25 लोगों के खिलाफ विभिन्न थानों में एफआईआर भी दर्ज कराई गई.

अगस्त महीने में एक नजर

- 910 लोगों के यहां की गई छापेमारी.

- 566 लोगों के यहां बिजली की चोरी पकड़ी.

- 202 लोगों ने बकाये बिजली बिल का भुगतान किया.

- 44 अनियमितता पाई गई.

- 25 लोगों के खिलाफ एफअाईआर.

नहीं मिल पाती है निबर्ाध बिजली

अंधाधुंध हो रही बिजली की चोरी का ही नतीजा है कि निर्बाध बिजली नहीं मिल पा रही है. जिसकी वजह से लीगल कंज्यूमर्स को प्रॉब्लम्स फेस करनी पड़ती है. जो बिजली मिलती भी है उसका वोल्टेज सही नहीं मिलता. जिससे बिजली उपकरण के खराब होने का चांस कई गुना बढ़ जाता है.

बिजली की चोरी रोकने के लिए लगातार प्रयास किए जा रहे हैं. छापेमारी भी की जा रही है. जिससे काफी हद तक बिजली की चोरी पर रोक लगी है.

एसके सक्सेना, चीफ इंजीनियर, बिजली विभाग