-एक हजार है नगला गांव की आबादी,फिर भी नहीं लगी बिजली

BAREILLY :

पीएमओ से एक फोन क्या घनघनाया मीरगंज में गांव नगला में जनम-जनम का अंधेरा दूर करने की कवायद शुरू हो गई. हर गांव में बिजली पहुंचाने की मुहिम के बावजूद भी बिजली विभाग के अफसर जिस गांव में झांकने तक नहीं गए, वहां एक फोन का असर कुछ ऐसा हुआ कि तीन दिन के भीतर अफसरों ने इक्कीस खम्भे गाड़ दिए और अगले दो-चार दिन में तार भी खींचने की तैयारी हो रही है.

24 नवम्बर को की शिकायत

मीरगंज के गांव भिटौली नगला निवासी सुनील सिंह चौहान ने बताया कि गांव में आजादी के सात दशक बाद भी बिजली नहीं पहुंच पायी है. पड़ोस के भिटौली गांव में तो बिजली है, लेकिन नगला में आज भी अंधेरा में है. बिजली से उनका गांव भी रौशन हो, इसके लिए ग्रामीणों ने अधिकारियों से लेकर तमाम नेताओं की चौखट पर माथा नवाया था, लेकिन किसी ने भी ग्रामीणों की सुध नहीं ली. हैरानी की बात तो यह रही कि जब प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी देश के हर गांव में बिजली पहुंचाने की बात कर रहे हैं, तो बरेली के इस गांव पर बिजली विभाग के अफसरों की नजर-ए-इनायत नहीं हुई. एक जागरूक ग्रामीण अनुराग ने सौभाग्य योजना के अन्तर्गत गांव को रौशन करने के लिए 1912 टोल फ्री नम्बर पर 24 नवम्बर को अपनी शिकायत दर्ज कराई. इसके अलावा पीएमओ पर ऑनलाइन कम्प्लेंट की.

15 दिन निस्तारण का समय

अनुराग ने बताया कि शिकायत करने पर उन्हें बताया गया कि आपकी समस्या का 15 दिन में निस्तारण कर दिया जाएगा. 24 नवम्बर को हुई शिकायत के बाद तीसरे दिन ही बिजली विभाग के अफसर गांव पहुंच गए और गांव में पोल कितने लगने है और कहां-कहां लगने है इसका निरीक्षण कर आए. इसके अगले दिन ही गांव में 25 पोल भी पहुंच गए. जिसमें से 4 दिसम्बर तक 21 पोल लग भी चुके हैं. गांव में बिजली आने की बात सुनकर ग्रामीण काफी उत्साहित है वहीं समस्या का निस्तारण कराने वाले अनुराग सिंह को इसका श्रेय भी दे रहे हैं.