तड़के ट्रेन से कटकर दो नर हाथियों की मौत

वन विभाग जुटा जांच में, लोको पायलट के विरुद्ध अभी नहीं किया केस दर्ज

हरिद्वार : देहरादून-हरिद्वार रेलवे ट्रैक पर फ्राइडे तड़के नई दिल्ली से दून आने वाली नंदा देवी एक्सप्रेस की चपेट में आने से दो नर हाथियों की मौत हो गई। हरिद्वार वन प्रभाग के डीएफओ आकाश वर्मा ने बताया कि मामले की जांच की जा रही है, फिलहाल लोको पायलेट के खिलाफ कोई केस दर्ज नहीं किया गया है।

हाथी का दांत भी टूटा

डीएफओ आकाश वर्मा ने बताया कि घटनास्थल राजाजी नेशनल पार्क से सटे हरिद्वार वन प्रभाग में है। इन दिनों हाथी आबादी क्षेत्र में गन्ने और गेहूं की फसल से आकर्षित होते हैं। संभवत: ये दोनों हाथी भी इसीलिए इस क्षेत्र में आए और वापसी में रेलवे ट्रैक पार करते हुए हादसे का शिकार हुए। उन्होंने बताया कि हादसा इतना जबरदस्त था कि इनमें से एक हाथी का दांत भी टूट गया। उन्होंने बताया कि पोस्टमार्टम के बाद दोनों हाथियों को दफना दिया गया है। दोनों की उम्र 20 से 25 वर्ष के बीच थी।

लोको पायलट की भूमिका की जांच

डीएफओ के अनुसार वन विभाग ने जुर्म तो काटा है, लेकिन अभी पुलिस केस दर्ज नहीं कराया है। बताया कि राजाजी नेशनल पार्क में ट्रेन की गति सीमा निर्धारित है, लेकिन हादसे वाला क्षेत्र राजाजी नेशनल पार्क का हिस्सा नहीं है। ऐसे में अभी यह नहीं कहा जा सकता कि इसमें लोको पायलेट की गलती है या नहीं। जांच के बाद ही इस बारे में निर्णय लिया जाएगा।

18 साल में 13 हाथी गंवा चुके जान

वर्ष 2000 के बाद राज्य गठन से अब तक 13 हाथी इस रेलवे ट्रैक पर जान गंवा चुके हैं। 13 जनवरी 2013 को भी इसी इलाके में एक साथ दो हाथी ट्रेन की चपेट आने से मारे गए थे। पिछले साल 17 फरवरी 2018 व फिर 20 मार्च को नंदा देवी एक्सप्रेस की चपेट में आने से हाथियों की मौत हुई। इसके बाद 26 जून 2018 को काठगोदाम एक्सप्रेस की चपेट में आने से एक हाथी की मौत हो गई थी।