एक लगने के बाद एक चढ़ा पुलिस के हत्थे, दो फायरिंग करते हुए भाग निकले

50 हजार के इनामी बदमाश ने पिछले दिनो दिया था लूट की वारदात को अंजाम

PRAYAGRAJ: पुलिस का बदमाशों से मंगलवार को एक बार फिर सामना हुआ। एक महीने के भीतर यह चौथा मौका था। पुलिस घेराबंदी करके फायरिंग के बाद एक ही बदमाश को गिरफ्तार कर सकी। उस पर 50 हजार रुपये का इनाम घोषित होने का दावा किया जा रहा है। उसके दो अन्य साथी पुलिस को गच्चा देकर भागने में सफल हो गये। जख्मी बदमाश आशिक अली उर्फ आसिफ बताया गया है। उसे एसआरएन में भर्ती कराया गया है। पुलिस के अनुसार आशिक मऊआइमा के सराय बादशाह कुली उर्फ मदारी गांव में हुई दो लाख की लूट का मुख्य आरोपित है। पुलिस को उसके पास से लूट के पौने दो लाख रुपये और तमंचा मिला है।

क्राइम ब्रांच को मिली बड़ी सफलता

पुलिस ऑफिस में एसएसपी अतुल शर्मा ने मंगलवार को मुठभेड़ का मीडिया के सामने खुलासा किया। बताया कि मदारी गांव में नौ अप्रैल को सुबह बाइक सवार तीन बदमाशों ने शहजादे अंसारी से तमंचे के बल पर दो लाख रुपये व लैपटॉप आदि लूट लिया था। क्राइम ब्रांच प्रभारी धर्मेद्र सिंह यादव को सटीक सूचना मिली कि लुटेरे फिर वारदात की फिराक में हैं। मंगलवार भोर क्राइम ब्रांच और मऊआइमा पुलिस ने हरखपुर पुलिया के पास घेराबंदी कर बाइक सवार तीन बदमाशों को रोकने की कोशिश। बदमाश पुलिस टीम पर फाय¨रग करके भागने लगे तो पुलिस ने भी फायरिंग की। इसमें एक गोली एक बदमाश के पैर में लग गयी। एसएसपी ने बताया कि आशिक अली उर्फ आसिफ उर्फ गुलजार उर्फ शनि पुत्र शौकत अली निवासी अकोढि़या मान्धाता प्रतापगढ़ के पैर में गोली लगी है।

एसएसपी के अनुसार उसके दो साथी नसीम निवासी शिवपुर थाना मऊआइमा और अफसार निवासी मान्धाता जनपद प्रतापगढ़ भाग निकले। आशिक पर 50 हजार रुपये का इनाम था। उसने सहज सेवा केंद्र संचालक से हुई दो लाख की लूट की बात कबूल की है। आशिक के पास से एक तमंचा, दो कारतूस, पल्सर बाइक एवं पौने दो लाख रुपये मिले हैं। उसके खिलाफ नौ मुकदमे दर्ज हैं। बता दें कि नैनी धूमनगंज व सोरांव के बाद इस माह पुलिस की यह चौथी मुठभेड़ है।

'मैं अकेले था, पैसे भी नहीं थे'

मुठभेड़ में घायल शातिर लुटेरे को एसआरएन के वार्ड नंबर 14 में भर्ती कराया गया है। दैनिक जागरण आईनेक्स्ट रिपोर्टर ने उससे मुठभेड़ को लेकर बात की। उसने कहा कि लूट की घटना को उसने अंजाम दिया था। कोर्ट में हाजिर होने के लिए वह सुबह घर से अकेले आ रहा था। तभी पुलिस ने उसका पीछा कर किया। हड़बड़ाहट में उसने पुलिस टीम की ओर फायरिंग कर दी। इस पर पुलिस ने भी फायरिंग शुरू कर दी। पैर में गोली लगी तो बाइक सहित गिर पड़ा। कहना था कि उसके पास इतने पैसे नहीं थे। पुलिस जिस पैसे की बरामदगी बता रही हैं उसके बारे में उसे नहीं पता। एक सवाल के जवाब में कहा कि वह अकेले ही था।