- ईडी  ने दर्ज किया केस, सारे मामलों की फिर से होगी जांच
- एसएफआई की चार्जशीट के बाद केस दर्ज करने का फैसला

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LUCKNOW: सहारनपुर के खनन माफिया और पूर्व बसपा एमएलसी मोहम्मद इकबाल के खिलाफ इंफोर्समेंट डायरेक्टरेट (ईडी) ने प्रिवेंशन ऑफ मनी लांड्रिंग एक्ट के तहत एक और केस दर्ज कर लिया है। उल्लेखनीय है कि मोहम्मद इकबाल के खिलाफ ईडी पहले भी मनी लांड्रिंग के एक मामले की जांच कर रही है। ईडी ने ताजा केस सीरियस फ्रॉड इंवेस्टीगेशन यूनिट द्वारा मोहम्मद इकबाल की शेल कंपनियों की जांच के बाद अदालत में दाखिल की गयी चार्जशीट के आधार पर किया है। ईडी जल्द ही इन कंपनियों की पड़ताल शुरू करने जा रही है।

दस साल में अरबों की संपत्ति

सहारनपुर में दस साल पहले लकड़ी की मामूली टाल और फलों की दुकान लगाने वाला मोहम्मद इकबाल के पास अब अरबों रुपये की संपत्तियां है। सूबे में हुए एनआरएचएम घोटाले में तत्कालीन मंत्री बाबू सिंह कुशवाहा के साथ इकबाल की संलिप्तता का खुलासा होने पर ईडी ने पड़ताल शुरू की थी। जांच में सामने आया था कि इकबाल ने दिल्ली में करीब 150 शेल कंपनियां खोली और शेयर आदि में निवेश करना शुरू कर दिया। जांच में ज्यादातर कंपनियों के डायरेक्टर नौकर, खानसामा और ड्राइवर निकले थे। वहीं करीब 84 कंपनियों के पते भी फर्जी पाए गये थे।
स्मारकों में खर्च पाई-पाई का ईडी के पास आया हिसाब
सारी जांचों की होगी मॉनीटरिंग
ईडी ने इकबाल द्वारा अपनी ही यूनिवर्सिटी को दिए गये संदिग्ध डोनेशन और 11 शुगर मिल खरीदने की जांच भी शुरू की तो बाकी एजेंसियां ने भी अपना शिकंजा कसना शुरू कर दिया। वहीं सुप्रीम कोर्ट ने भी इकबाल के खिलाफ चल रही सारी जांचों की मॉनीटरिंग शुरू कर दी। इनमें आईबी, सीबीआई, इंफोर्समेंट डायरेक्टरेट, इनकम टैक्स, सीवीसी, सेबी, डीआरआई, फायनेंशियल इंटेलिजेंस यूनिट, सीरियस फ्रॉड इंवेस्टिगेशन यूनिट, कंपनी अफेयर्स, फॉरेस्ट एंड इनवायरमेंट डिपार्टमेंट के अलावा एनजीटी भी शामिल है। वहीं सहारनपुर जिला प्रशासन भी अवैध खनन के कई मामलों में इकबाल और उनके परिजनों के खिलाफ कई बार एक्शन ले चुका है।

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