घोटालेबाजों की शीघ्र गिरफ्तारी के लिए सरकार ने उठाया है कदम

घोटालों से संबंधित 10 जिलों के मुकदमें इसी थाने में होंगे दर्ज

Meerut. शीघ्र ही शहर में आर्थिक अपराध शाखा यानी ईओडब्ल्यू (इकॉनोमिक ऑफेंस विंग) का नया थाना बनाया जाएगा. मुख्यमंत्री योगी आदित्यानाथ ने मेरठ में ईओडब्ल्यू के थाना निर्माण के लिए हरी झंडी दे दी है. अब ईओडब्ल्यू के अधिकारी घोटालेबाजों को गिरफ्तार करके अपने ही थाने से ही कोर्ट में पेश करेंगे. आसपास के 10 जिलों के मुकदमें भी इसी थाने में दर्ज किए जाएंगे.

भेजा थ्ा प्रपोजल

ईओडब्ल्यू मेरठ के एसपी राम सुरेश यादव ने बताया कि उन्होंने ईओडब्ल्यू का अपना अलग से थाना बनाने का प्रपोजल मुख्यमंत्री को बनाकर भेजा था. उनकी मांग पर मुख्यमंत्री ने ईओडब्ल्यू के मेरठ समेत प्रदेश में 10 थाने बनाने की घोषणा की है.

ये हाेगा फायदा

जल्द ही मुकदमों का होगा निपटारा

जांच के बाद ईओडब्ल्यू अपने ही थाने में दर्ज कर सकेगा एफआईआर

आम व्यक्ति भी ईओडब्ल्यू थाने में करा सकेंगे शिकायत दर्ज

पेंडिग पड़े मुकदमों से जल्द मिलेगा छुटकारा

क्या है ईओडब्ल्यू

20 लाख रुपये से ज्यादा के घोटालों के दर्ज हुए मुकदमें जांच के लिए थाने से शासन को भेजे जाते हैं. शासन इन मुकदमों की जांच ईओडब्ल्यू में ट्रांसफर करता है. ईओडब्ल्यू के अधिकारी अपने स्तर से मुकदमों की जांच करते हैं. इसके बाद अगर जांच सही पाई जाती है तो मुल्जिमों के खिलाफ संबंधित थानों में लिखा-पढ़ी करके उन्हें कोर्ट में पेश किया जाता है.

45 मुकदमें लंबित

हापुड़ रोड 44 बटालियन पीएसी स्थित ईओडब्ल्यू की शाखा में इस समय तीन अरब तक के घोटालों के 45 मुकदमें पेंडिग पड़े हैं. इन मुकदमों की जांच ईओडब्ल्यू के अधिकारी अपने स्तर से कर रहे हैं.

चर्चित मुकदमें

मेरठ में हुआ 200 करोड़ का छात्रवृत्ति घोटाला

पराग डेरी का 150 करोड़ का घोटाला

पीएनबी बैंक से फर्जी तरीके से निकाले गए 70 लाख का घोटाला

परतापुर में 90 करोड़ की सरकारी जमीन को कब्जाने का मामला

80 लाख का राशन घोटाला

ईओडब्ल्यू का स्टाफ

1 - एसपी

3 - डीएसपी

12 - इंस्पेक्टर