8.7 परसेंट मिलेगा इंट्रेस्‍ट
EPFO का कहना है कि 2014-15 में अंशधारकों को 8.8 परसेंट इंट्रेस्‍ट देना संभव हो सकता है, लेकिन हमने निश्चित किया है कि 8.7 परसेंट इंट्रेस्‍ट देना ही उचित रहेगा. आपको बता दें कि पिछले साल संगठन ने 8.75 परसेंट इंट्रेस्‍ट की घोषणा की थी. हालांकि आज PF बोर्ड के ट्रस्टियों की बैठक है और इसमें फैसला होगा कि कितना इंट्रेस्‍ट दिया जाना चाहिये, लेकिन वर्तमान रेट से कम इंट्रेस्‍ट देने की बात भी ट्रस्टियों के गले नहीं उतर रही है. इसलिये इस रेट पर डिसीजन होने की उम्‍मीद कम ही लग रही है.

नहीं चाहते कोई दबाव
दरअसल संगठन ने कहा है कि इंट्रेस्‍ट उतना ही दिया जाये जितना सरकार अपने कर्मचारियों को जनरल PF पर देती है. यह रेट है 8.7 परसेंट और EPFO इसी रेट पर इंट्रेस्‍ट भुगतान करना चाहता है. EPFO की गणना के मुताबिक अगर उसने 8.8 परसेंट इंट्रेस्‍ट का भुगतान कर दिया तो उसके पास बहुत थोड़ा सरप्‍लस पैसा रह जायेगा, जो उसके वित्‍तीय सेहत के लिये ठीक नहीं होगा. संगठन का कहना है कि 8.7 परसेंट देने से उसके पास अतिरिक्‍त धन रहेगा और उस पर कोई दबाव नहीं रहेगा. गौरतलब है कि PF देने के लिये मिनिमम बेसिक सैलरी 6,500 रुपये प्रति माह से बढ़ाकर 15,000 रुपये कर देने से नये अंशधारकों की तादाद बढ़ गई है. इससे पहले की तुलना में ज्‍यादा इंट्रेस्‍ट का भुगतान करना पड़ सकता है. आपको बता दें कि इंट्रेस्‍ट रेट में 0.1 परसेंट की बढ़ोत्‍तरी का मतलब कुल 165 करोड़ रुपये की देनदारी होती है और यह कोई छोटी रकम नहीं है. हालांकि यूनियन तथा कर्मचारियों के संगठन मांग कर रहे हैं कि 8.8 परसेंट से ज्‍यादा इंट्रेस्‍ट दिया जाये.

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