तीन वैज्ञानिकों को मिला केमिस्‍ट्री का नोबेल
वैज्ञानिक अल्‍फ्रेड नोबेल के नाम पर हर साल क्षेत्र व‍िशेष में उम्‍दा प्रदर्शन करने वाले लोगों को नोबेल देने वाली सोसाइटी ने इस वर्ष केमिस्‍ट्री का नोबेल पुरुस्‍कार तीन वैज्ञानिकों को दिया है. इन वैज्ञानिकों ने नैनोस्‍कोप की रचना की है. गौरतलब है कि माइक्रोस्‍कोप की मदद से सूक्ष्‍म जीवों को देखा जा सकता है लेकिन नैनोस्‍कोप की मदद से जीवित कोशिकाओं में मौजूद अणुओं को भी देखा जा सकता है.

खोला विज्ञान का नया द्वार

रॉयल स्‍वीडिश सोसाइटी ऑफ साइंस ने कहा कि तीनों वैज्ञानिकों ने माइक्रोस्‍कोप को नैनोस्‍कोप में बदल दिया है. इस अविष्‍कार ने माइक्रोस्‍कोप की विजिबिलिटी की सीमाओं को तोड़कर विज्ञान के नए द्वार खोले हैं. अब तक वैज्ञानिकों का सोचना था कि सिर्फ 0.2 माइक्रोमीटर तक के अणुओं को माइक्रोस्‍कोप से देखा जा सकता है. लेकिन नई रिसर्च से यह धारणा टूट गई है.

खुश और उत्‍साहित हैं वैज्ञानिक
नैनोस्‍कोप के अविष्‍कार की कहानी भी काफी रोचक है. दरअसल जर्मन वैज्ञानिक स्‍टीफन हेल ब्रेन से जुड़ी ह्यूटिंग्‍टन नामक बीमारी को समझने के लिए एक भ्रूण के अंदर कोशिका विभाजन पर नजर रख रहे थे. ह्यूटिंग्‍टन एक न्‍यूरो सें संबधित बीमारी है.  नोबेल मिलने की बात पता चलने पर स्‍टीफन हेल ने कहा कि वह प्राइज मिलने की खबर सुनकर हैरान हैं. इसके साथ ही मॉर्नर ने कहा वह काफी खुश हैं क्‍योंकि उन्‍हें हेल और एरिक बेटजिग के साथ चुना गया.

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