- आईसीटीसी में रोजाना एड्स की जांच के लिए पहुंच रहे सैकड़ों लोग

- अनसेफ सेक्सुअल रिलेशन और आईडी यूजर हो रहे शिकार

- जागरूकता ही उपाय, नजरअंदाजी पड़ रही है एड्स रोगियों पर भारी

Meerut : एकीकृत परामर्श एवं जांच केंद्र (आईसीटीसी) पर युवा जांच के लिए पहुंच रहे हैं. ये वे युवा हैं जो हाइली एजुकेटेड हैं और जानलेवा बीमारी को अच्छी तरह समझ भी रहे हैं. आई नेक्स्ट टीम ने मेरठ में आईसीटीसी केंद्रों का दौरा किया और एड्स की स्थिति पर पड़ताल की.

रोजाना पहुंच रहे 20 मरीज

जिला अस्पताल स्थित आईसीटीसी पर रोजाना औसतन 20 मरीज एड्स की जांच के लिए पहुंच रहे हैं. इनमें टीबी के मरीजों के अलावा जांच के लिए पहुंच रहे ज्यादातर युवा हैं. सेंटर में इंचार्ज डॉ. जेपी सिंह का कहना है कि ज्यादातर युवा संदेह के चलते जांच करा रहे हैं. स्कूल, कॉलेज गोइंग के अलावा प्रोफेशनल भी इनमें शामिल हैं.

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मेरठ में..

2276-एड्स पीडि़त

1400-पुरुष रोगी

730-महिला रोगी

16-थर्ड जेंडर

131-बच्चे (शून्य से 14 वर्ष)

8500-एड्स रोगी फिलहाल मेडिकल कॉलेज स्थित एआरटी सेंटर में रजिस्टर्ड हैं.

1110 मरीज-2014 में

920 मरीज-2015 में

671 मरीज-2016 में

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जिला अस्पताल

6200 जांच (जनवरी 2016 से नवंबर 2016)

120-एचआईवी पॉजिटिव

5-सेक्स वर्कर एचआईवी पॉजिटिव

6-जेल में निरुद्ध बंदी पॉजिटिव

5-बच्चों को एचआईवी पॉजिटिव

स्रोत: जिला अस्पताल स्थित आईसीटीसी, मेडिकल कॉलेज स्थित एआरटी से.

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अवेयर नहीं हैं लोग

चौंकाने वाले तथ्यों पर गौर करें तो केंद्र एवं राज्य सरकार की जनजागरूकता के कड़े प्रयासों के बाद भी लोग अवेयर नहीं हैं. मेरठ में अनसेफ सेक्सुअल रिलेशन से 70 फीसदी लोगों को एड्स हो रहा है तो वहीं 15 मरीज ऐसे हैं 55 मरीजों को मैन टू मैन सेक्सुअल रिलेशन से एड्स हुआ है. इंजेक्शन से ड्रग लेने वाले पॉजिटिव पेसेन्ट की संख्या 33 है. मेडिकल कॉलेज स्थित एआरटी (एंटी रेट्रोवायरल थेरेपी) सेंटर के मुताबिक मरीजों को निशुल्क जांच के साथ दवाएं सेंटर पर मुहैया कराई जा रही हैं.

उफ! ये है गंभीर स्थिति

एआरटी सेंटर पर पहुंच रहे पॉजिटिव पीपुल अगली बार अपने साथ जांच के लिए तीन लोगों को ले जा रहे हैं. नया मरीज इस बात को सोचकर चौंक रहा है कि आखिर उसे पहले क्यों नहीं मालूम था कि उसका साथी पॉजिटिव है? ये गंभीर स्थिति रोगियों की संख्या को बढ़ा रही है. हालांकि जानकारी ही सबसे बड़ा बचाव है.

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एचआईवी पॉजिटिव की जांच से लेकर मुफ्त इलाज का बंदोबस्त एआरटी सेंटर कर रहा है. मरीजों की संख्या में इजाफा हो रहा है तो नई पीढ़ी को इस जानलेवा बीमारी से सजग रहने की आवश्यकता है.

-प्रो. तुंगवीर सिंह आर्य, प्रभारी, एआरटी मेरठ

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आईसीटीसी पर जांच के लिए आने वाले मरीजों में युवाओं की संख्या भी ठीक-ठाक रहती है. कई युवा महज अंदेशे के चलते जांच करा रहे हैं. एचआईवी पीडि़त मरीजों की संख्या में इजाफा हो रहा है.

-डॉ. जेपी सिंह, प्रभारी, आईसीटीसी जिला अस्पताल.