हर साल बाघम्बरी गद्दी का इलाका होता है जलभराव से परेशान, इस बार भी डरे हैं लोग

पार्षद की सलाह तालाब बनाने से मिल सकती है निजात, लेकिन बनाएगा कौन? नहीं है कोई जवाब

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ALLAHABAD: वार्ड 44 पूरा पड़ाई यानी बाघम्बरी गद्दी का इलाका झमाझम बारिश होते ही हर साल पानी में डूबता है. इस साल भी डूबेगा. हजारों लोगों का घर से बाहर निकलना मुश्किल हो जाएगा. बारिश का पानी कई घरों में भी घुसेगा. ये हम नहीं बल्कि बाघम्बरी गद्दी एरिया से सटे तिलकनगर, एमएल कान्वेंट के पास बसी कॉलोनी में रह रहे हजारों लोग कह रहे हैं. इस बीच पार्षद कह रहे हैं कि इस समस्या से निजात का एक ही रास्ता है कि इलाके में तालाब बना दिया जाए. लेकिन ये करेगा कौन? के सवाल का जवाब किससे पास है नहीं बता पाते.

एक घंटे बरसात, घुटने भर पानी

बाघम्बरी रोड, एमएल कानवेंट के साथ ही तिलक नगर की स्थिति यह है कि यदि एक घंटा भी जमकर बारिश हो जाए तो पूरे इलाके में घुटने भर पानी लगना तय है. तिलक शिक्षण संस्थान तक तीन से चार फीट तक पानी लग जाता है, जिसे निकलने में तीन से चार घंटे का समय लगता है. यदि इस दौरान लगातार बारिश होती रही तो एक-दो दिन तक जलभराव बना रहता है. बाघम्बरी रोड से सटा कुमरगढ़वा हादीगंज इलाका सबसे ज्यादा प्रभावित होता है. मटियारा और अल्लापुर का रास्ता भी बंद हो जाता है.

निचला इलाका होने से दिक्कत

अल्लापुर से सटे बाघम्बरी गद्दी इलाके की भौगोलिक स्थिति कुछ ऐसी है कि निचला इलाका होने की वजह से बारिश होते ही सोहबतिया बाग, जार्ज टाउन, एलआईसी नाले का पानी, बैरहना का पानी, दारागंज का पानी बाघम्बरी गद्दी एरिया में आता है. इससे तिलक नगर और एमएल कानवेंट का इलाका जलभराव का शिकार होता है. पिछले वर्ष की बारिश और बाढ़ में एमएल कानवेंट के कई घर प्रभावित हुए थे. करीब 20 से 25 हजार लोग पानी से घिर गए थे.

नाले भी हैं समस्या

बाघम्बरी गद्दी इलाके में तीन बड़े नाले हैं. इनमें प्रयाग घाट का नाला, बाघम्बरी रोड का नाला और छविनाथ शुक्ला से भैंसा पांडे का नाला शामिल है, जो जगह-जगह से ब्लॉक कर दिया गया है. अल्लापुर, मटियारा, बाघम्बरी गद्दी और एमएल कान्वेंट एरिया को जलभराव से छुटकारा दिलाने का बस एक ही उपाय है और वह है जलनिकासी की बेहतर व्यवस्था. बरसात का पानी निकालने को पंप तो लगे हैं, लेकिन जब जरूरत होती है तो फेल हो जाते हैं.

क्या कहती है पब्लिक

हम जब से जानने लायक हुए हैं, तब से लगातार हर साल बरसात के मौसम में जलभराव झेल रहे हैं. अब तक नगर निगम व एडमिनिस्ट्रेशन समस्या का समाधान नहीं कर सके हैं, या यह भी कह सकते हैं कि करना नहीं चाहते.

शरद पांडेय

हमारे इलाके की स्थिति ये है कि एक घंटे भी बारिश हो जाए तो चारों तरफ से पानी तिलकनगर, एमएल कानवेंट की ओर आ जाता है. इसकी वजह से पानी भर जाता है, जिसे निकलने का रास्ता नहीं मिलता है.

राजेश निषाद

बारिश के पानी को निकालने के लिए मोरी गेट पर ट्यूबवेल तो लगे हैं. लेकिन अक्सर स्थिति ये हो जाती है कि मेन गेट तक पानी न पहुंचने पर जलभराव बना रहता है. इसलिए अतिरिक्त व्यवस्था करनी चाहिए.

संगम लाल

भीषण गर्मी के बाद बारिश का मौसम लोगों को अच्छा लगता है, लेकिन हमें तो डर लगता है. क्योंकि हमारा एरिया पानी में डूबा रहता है. नालों के साफ न होने से पानी निकल नहीं पाता है.

सीता मिश्रा

क्या कहते हैं पार्षद

निचला इलाका होने से एरिया में जलभराव तय है. जल निकासी की बेहतर व्यवस्था काम आ सकती है. हालांकि इसमें काफी खर्च आने की संभावना है. उससे बेहतर ये होगा कि एमएल कान्वेंट के पास खाली पड़ी जमीन में तालाब बना दिया जाए तो सारा पानी उसमें स्टोर हो सकता है.

राजू निषाद, पार्षद- वार्ड 44