बरेली : यूपी बोर्ड परीक्षाओं में कितनी मुस्तैदी और सख्ती बरती जा रही है, थर्सडे को हुई घटना से साफ हो गया. सेंटर से संकलन केंद्र तक कॉपियां पहुंचाने के दौरान सुरक्षा की जिम्मेदारी मात्र एक होमगार्ड के कंधे पर है. परीक्षार्थियों की कॉपियों की सुरक्षा में ऐसी लापरवाही उनका भविष्य भी खतरे में है, लेकिन इसे लेकर न तो शिक्षा विभाग के अफसर गंभीर हैं और न ही प्रशासन के अफसर बोर्ड परीक्षा की कॉपियों की सुरक्षा के पर्याप्त इंतजाम कर पा रहे हैं.

मंत्री के सेंटर की भी थी कॉपियां

थर्सडे को जिन परीक्षा केंद्र की कॉपियां लूटी गई थीं उनमें सिचाई मंत्री के परीक्षा केंद्र की कॉपियां भी थीं. इसके बावजूद फ्राइडे को भी मुस्तैदी नहीं दिखी. परीक्षा केंद्र से संकलन केंद्र तक कॉपियां पहुंचाने के लिए भी केवल जुगाड़ का ही सहारा लिया गया. किसी केंद्र से बाइक पर तो किसी परीक्षा केंद्र से रिक्शे पर रखकर कॉपियां संकलन केंद्र पहुंचाई गई तो कोई पैदल की कॉपियां लेकर संकलन केंद्र पहुंचा. संकलन केंद्र के उप नियंत्रक व नियंत्रक पुलिस प्रशासन के पाले में गेंद डालकर पल्ला झाड़ते नजर आए.

परीक्षार्थियों के भविष्य से खिलवाड़

दरअसल पुलिसबल की कमी का बहाना बनाकर परीक्षा केंद्र होमगार्ड के हवाले छोड़ दिए गए हैं. शहर से लेकर देहात तक परीक्षा केंद्रों की यही स्थिति है. परीक्षा के बाद कॉपियां का सील पैक बंडल अधिकांश केंद्रों से परिचायक के हाथों में थमा दिया जाता है, कुछ जगह जिले की ओर आने वाले शिक्षकों को संकलन केंद्र पर कॉपियां जमा करने की जिम्मेदारी दे दी जाती है और जब कोई घटना हो जाती है तो जिम्मेदार एफआईआर दर्ज कराकर पल्ला झाड़ लेते हैं. इससे साफ है कि परीक्षार्थियों के भविष्य के साथ जमकर खिलवाड़ किया जा रहा है.