तीन दिन की हिरासत में भेजा
जेएनयू विवाद के मामले में गृहमंत्री राजनाथ सिंह की नाराजगी के बाद दिल्ली पुलिस ने शुक्रवार को जेएनयू के छात्र संघ अध्यक्ष् कन्हैया कुमार को गिरफ्तार कर लिया था। कन्हैया कुमार को शुक्रवार को अदालत में पेश किया गया। अदालत ने छात्र संघ अध्यक्ष को तीन दिनों के लिए पुलिस हिरासत में भेज दिया। हालांकि दिल्ली पुलिस ने अदालत से कन्हैया कुमार को पांच दिनों के लिए पुलिस हिरासत की मांग की थी, लेकिन कोर्ट ने पुलिस की इस मांग को खारिज करते हुए पांच दिन के बजाए तीन दिनों के लिए हिरासत में भेज दिया। उधर, संघ के अध्यक्ष की गिरफ्तारी के बाद जेएनयू कैंपस का माहौल गरमा गया है। छात्रों में आक्रोश व्याप्त है। छात्रों ने कैंपस के अंदर एकत्र होकर इस पर अपनी नाराजगी व्यक्त की। सुरक्षा के मद्देनजर जेएनयू कैंपस के बाहर भारी पुलिस बल तैनात किया गया है।

शिक्षक संघ का विरोध प्रदर्शन
उधर, जेएनयू छात्र अध्यक्ष कन्हैया कुमार की गिरफ्तारी के बाद जेएनयू शिक्षक संघ और छात्रों ने विरोध प्रदर्श किया। शिक्षक संघ का कहना है, “हम ऐसा विश्वास है कि इस वक्त अत्यधित पुलिसिया कार्रवाई अनावश्यक है और इससे पूरी तरह स्थिति और बिगड़ेगी।” जेएनयू शिक्षक संघ का ये भी कहना है कि हम हमेशा देश के संविधान के साथ खड़े हैं और किसी भी तरह के असंवैधिक कृत्य वो चाहे कैंपस के अंदर हो या बाहर उसके पूरी तरह से खिलाफ है।

परिजनों ने भी जताया गुस्‍सा
ऑल इंडिया स्टूडेंट फेडरेशन (एआइएसएफ) के नेता और जेएनयू छात्र संघ अध्यक्ष कन्हैया कुमार की दिल्ली पुलिस द्वारा की गई गिरफ्तारी पर उनके परिजनों ने तीखी प्रतिक्रिया व्यक्त की है। कन्हैया बिहार में बेगूसराय के बीहट निवासी हैं। उनके छोटे भाई प्रिंस ने कहा कि यह राजनीतिक विद्वेष है। मेरे भाई को जबरन फंसाया जा रहा है और जेएनयू की छवि को धूमिल करने की साजिश रची जा रही है। वहीं कन्हैया की मां मीना देवी ने कहा कि उनका बेटा कभी देशविरोधी कार्य नहीं कर सकता। जांच के बाद सब कुछ स्पष्ट हो जाएगा।

स्‍थानीय निवासियों में आक्रोश
कन्हैया की गिरफ्तारी पर बीहट के लोगों ने मोदी सरकार के खिलाफ आक्रोश जताया है। ग्रामीण प्रहलाद सिंह आदि ने कहा कि भाजपा के लोग हैदराबाद में रोहित वेमुला के मामले में वामपंथी आंदोलन को लेकर कन्हैया को टारगेट किए हुए थे। सभी तथ्यों की जांच के बाद गिरफ्तारी होनी चाहिए थी। उसे साजिश के तहत फंसाया गया है। गौरतलब है कि भारत विरोधी बोल पर जवाहर लाल नेहरू विश्वविद्यालय छात्र संघ अध्यक्ष कन्हैया कुमार को शनिवार को गिरफ्तार करके कोर्ट में पेश किया गया। उसके बाद कोर्ट ने उन्हें तीन दिन की पुुलिस हिरासत में भेज दिया। इस बीच हुर्रियत के नेताओं ने उन छात्रों को समर्थन दिया है जिन्होंने खुलेआम विश्वविद्यालय कैंपस में भारत के खिलाफ नारेबाजी की थी।

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