- साहबगंज मंडी में दो दर्जन से उपर थोक व्यापारी मिलकर कर रहे नकली कपूर का कारोबार

- नवरात्रि शुरू होने के बाद से प्रति दिन करीब 1.5 करोड़ का हो रहा कारोबार

GORAKHPUR: त्योहारों में मिलावट का धंधा चलाने वालों की पहुंच आपकी पूजा की थाली तक हो चुकी है. खाद्य पदार्थो में मिलावट के अलावा अब शहर में पूजा सामग्री तक में खुलेआम मिलावट का खेल चल रहा है. नवरात्रि की शुरुआत के साथ ही शहर के थोक मार्केट लेकर फुटकर मार्केट में नकली कपूर का करोड़ों का कारोबार चल रहा है. इस अवैध कारोबार से व्यापारी तो खूब चांदी काट रहे हैं लेकिन नकली कपूर से निकलने वाले धुआं श्रद्धालुओं को सांस संबंधी समस्याओं से लेकर मानसिक रोग व कैंसर तक की जद में डाल सकता है. शहर में चल रहे नकली कपूर के इस खेल की सूचना पर दैनिक जागरण आई नेक्स्ट टीम पड़ताल करने निकली तो चौंकाने वाली सच्चाई सामने आई.

हेक्सामाइन पाउडर से बन रहा नकली कपूर

साहबगंज मंडी पहुंचे दैनिक जागरण आई नेक्स्ट रिपोर्टर ने फुटकर दुकानदार बन कपूर का व्यापार करने वाले व्यापारियों से बात की. एक व्यापारी ने बताया कि ज्यादा मुनाफे के लिए नकली कपूर बना असली में मिला दिया जाता है. ये थोक व्यापारियों के लिए तो सस्ता पड़ता ही है, फुटकर व्यापारी भी इससे कम लागत में खूब पैसे कमा रहे हैं. उसने बताया कि नकली कपूर को हेक्सामाइन पाउडर से बनाया जाता है जो 80-90 रुपए किलो में मिल जाता है. बाद में इसमें असली कपूर मिलाया जाता है. मिलावट के बाद इसे छोटे-छोटे टुकड़ों में बांट दिया जाता है. इसे जलाने पर ज्यादा देर तक अगर कपूर जलता है तो समझिए की कपूर नकली है. क्योंकि हेक्सामाइन पाउडर ज्यादा देर तक जलता है. वहीं ओरिजनल कपूर जल्दी उड़ जाता है.

जहरीला धुआं कर देगा बीमार

डीडीयूजीयू केमेस्ट्री डिपार्टमेंट के प्रो. उमेश नाथ त्रिपाठी बताते हैं कि हेक्सामाइन पाउडर नाइट्रोजन युक्त कार्बेनिक यौगिक है. इसे जलाने पर हवा में नाइट्रोजन ऑक्साइड की मात्रा बढ़ जाती है. इसकी मात्रा बढ़ जाने से जहां आसपास का पर्यावरण प्रदूषित हो जाता है जो लोगोंके स्वास्थ्य पर सीधा असर डालता है. सबसे ज्यादा असर उन लोगों पर पड़ता है जो अस्थमा के मरीज होते हैं. इसके अलावा सामान्य लोगों को भी मानसिक विकृतियां पहुंचाने के साथ-साथ कैंसर जैसी गंभीर बीमारियां भी पकड़ सकती हैं.

र से लेकर पंडाल तक हो रहा इस्तेमाल

शारदीय नवरात्रि शुरू हो चुकी है. घरों से लेकर दुर्गा पूजा पंडालों तक में सुबह-शाम की आरती में कपूर का इस्तेमाल भी खूब हो रहा है. सूत्रों की मानें तो मार्केट में मौजूद ज्यादातर कपूर नकली है. ऐसे में साफ है कि पूजा-पाठ के बाद होने वाले आरती श्रद्धालुओं की सेहत पर गहरी चोट कर रही है. वहीं, जिला प्रशासन है कि शहर में धड़ल्ले से चल रहे इस अवैध कारोबार पर कोई कार्रवाई ही नहीं कर सका है.

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रोजाना 1.5 करोड़ का कारोबार

साहबगंज मंडी पूर्वी क्षेत्र की सबसे बड़ी किराना मंडी है. हमारी पड़ताल में सामने आया कि यहां करीब दो दर्जन ऐसे थोक दुकानदार हैं जो नकली कपूर के धंधे में लगे हुए हैं. साहबगंज के एक व्यापारी ने बताया कि जब से शारदीय नवरात्रि शुरू हुई है तब से रोजाना करीब 1.5 करोड़ के नकली कपूर का कारोबार हो रहा है. उसका कहना था कि आज की डेट में असली कपूर के रॉ मैटेरियल की कीमत एक हजार रुपए प्रति किलो है. जबकि नकली कपूर के रॉ मैटेरियल की कीमत महज 80 से 250 रुपए किलो तक की रेंज में उपलब्ध है. एक पाव असली और 75 ग्राम नकली कपूर मिलाकर ये कारोबारी अच्छा खासा मुनाफा कमा रहे हैं.

निजामपुर में होती है मैन्युफैक्चरिंग

साहबगंज मंडी स्थित अगरबत्ती हाउस के थोक व्यापारी राजू ने बताया कि यहां आने वाले कपूर की मैन्युफैक्चरिंग का काम निजामपुर एरिया में होता है. वहीं से वे लोग माल लाते हैं. उनकी दुकान से फुटकर व्यापारी अपनी-अपनी दुकानों पर ले जाते हैं. उनकी दुकान पर 250 से लेकर 1100 रुपए तक के कपूर उपलब्ध है. जो फुटकर व्यापारी मांगते हैं वे देते हैं.

कैसे करें पहचान

- कपूर जल जाने के बाद कोई अवशेष नहीं छोड़ता है. जबकि हेक्सामाइन पाउडर मिला होने से सफेद ठोस पदार्थ छोड़ता है.

- कपूर शुद्ध होगा तो लिक्विड नहीं दिखाई देता है. क्योंकि सॉलिड से सीधे गैस बनकर वह उड़ जाता है. जबकि हेक्सामाइन में लिक्विड ज्यादा दिखाई देता है.

फैक्ट फिगर

- दो करोड़ रुपए प्रतिदिन का हो रहा कपूर का कारोबार

- साहबगंज मंडी में दो दर्जन से ज्यादा है दुकानें

- साहबगंज मंडी से गोरखपुर-बस्ती मंडल के जिलों में होती है सप्लाई

- गोरखपुर जिले के 65,000 से ज्यादा किराना व्यापारी करते हैं खरीदारी

- फुटकर में 80-90 रुपए प्रति किलो होती है नकली कपूर की खरीदारी

वर्जन

कपूर में अगर इस तरह से मिलावट की जा रही है और इसका व्यापार हो रहा है तो निश्चित तौर पर व्यापारियों के खिलाफ कार्रवाई की जाएगी.

- अजीत सिंह, सिटी मजिस्ट्रेट