पॉल्यूशन जांच सेंटर्स बिना लखनऊ मुख्यालय के सर्वर से कनेक्ट हुए ही जारी कर रहे हैं पीयूसी सर्टिफिकेट

1 अप्रैल के बाद जारी सभी ऑफलाइन पीयूसी सर्टिफिकेट हैं फर्जी

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MEERUT : पीयूसी यानि पॉल्यूशन अंडर कंट्रोल सर्टिफिकेट की नई व्यवस्था जनपद में लागू हो चुकी है लेकिन इस व्यवस्था के बाद भी जनपद के अधिकतर पॉल्यूशन जांच सेंटर्स पुराने पैटर्न पर फर्जी पीयूसी जारी कर वाहन चालकों को धोखा दे रहे हैं. जबकि ये पीयूसी अब मान्य नहीं है.

मान्य नहीं पुराने पीयूसी

नई व्यवस्था के तहत जनपद के सभी पॉल्यूशन जांच सेंटर्स को लखनऊ मुख्यालय के सर्वर से कनेक्ट कर दिया गया है. वाहन की पॉल्यूशन जांच लखनऊ मुख्यालय से पुष्ट होने के बाद ही ऑनलाइन पीयूसी जारी किया जाएगा. यदि वाहन का प्रदूषण स्तर मानकों के अनुसार नहीं है तो पीयूसी जारी नहीं होगा. नई व्यवस्था के तहत 1 अप्रैल के बाद से सभी पुराने पीयूसी मान्य नहीं होंगे.

पीयूसी के नाम पर धोखा

दरअसल, 15 अप्रैल तक जनपद के सभी सेंटर्स को ऑनलाइन अपडेट होना था लेकिन 16 अप्रैल तक भी अधिकतर सेंटर्स ऑफलाइन ही चल रहे हैं. यहां तक की वाहन चालकों को पुराने पैटर्न पर ही सर्टिफिकेट जारी किए जा रहे हैं. सेंटर्स के पास न तो नया सॉफ्टवेयर है और न ही मुख्यालय के सर्वर से वे कनेक्ट हुए हैं. ऐसे में वाहन चालकों से पीयूसी के नाम पर धोखा किया जा रहा है.

ऑनलाइन कनेक्शन के लिए अप्लाई किया हुआ है लेकिन अभी तक सेंटर कनेक्ट नहीं हो सका है. मुख्यालय स्तर से ही सिस्टम अपडेट किया जाएगा.

सुनील, आईओसी पेट्रोल पंप

जिन संचालकों ने अप्लाई कर दिया है उनका सॉफ्टवेयर जल्द अपडेट हो जाएगा. इस प्रक्रिया में समय लग रहा है. ऐसे में जो सेंटर अपडेट नहीं हैं, उनके सर्टिफिकेट मान्य नहीं होंगे.

सीएल निगम, आरआई