-पुलिस अवैध शराब तो पकड़ी है लेकिन सख्त कार्रवाई नहीं करती

-सिर्फ एक्साइज एक्ट की धारा लगाने से आसानी से मिल जाती जमानत

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BAREILLY: जानलेवा कच्ची शराब पर पाबंदी में पुलिस धारा का बड़ा खेल कर रही है, जिस शराब तस्कर को गंभीर धाराओं में जेल भेजा जाना चाहिए. पुलिस उन्हें मामूली धाराओं में गिरफ्तार कर देती है. तस्कर थाने से ही जमानत पा जाते हैं. यही वजह है कि बरेली में कच्ची शराब बनाने का धंधा कभी कमजोर नहीं पड़ा. अलबत्ता फलफूल रहा है. पब्लिक की जान खतरे में डालकर बरेली पुलिस शराब तस्करों पर आखिर क्यों मेहरबान है. फिलहाल इस बारे में पुलिस अफसर ही बताएंगे.

अभियान में पकड़े 40 अभियुक्त

1 सितंबर को बरेली डिस्ट्रिक्ट में शराब पकड़ने के लिए अभियान चलाया गया. अभियान के तहत 29 थानों की पुलिस ने 40 अभियुक्तों को गिरफ्तार किया. इनके पास से 593 लीटर कच्ची यानि अवैध शराब भी पकड़ी गई और 7 शराब की भट्ठियों को भी नष्ट किया गया, लेकिन इनमें से अधिकांश अभियुक्त या तो थाने से छूट गया फिर कोर्ट से जमानत पर. इसकी वजह रही कि अधिकतर थानों ने सिर्फ एक्साइज एक्ट की धारा 60 के तहत ही कार्रवाई की. इसमें जमानत मिलना ही है. यहां तक कि थाने से ही आरोपी को छोड़ने का प्रावधान है. इसके अलवा भी समय-समय पर अभियान चलता है. थानों की पुलिस शराब पकड़ती है और मामूली कार्रवाई कर देती है. इसी वजह से पुलिस पर मिलीभगत के भी आरोप लगते हैं.

आईपीसी की धाराएं नहीं लगाते

कई बार शासन और डीजीपी ने आदेश जारी किए हैं कि शराब माफिया पर लगाम कसने के लिए आईपीसी की धाराओं का भी इस्तेमाल किया जाए. आदेश के तहत अवैध शराब पकड़ने पर एक्साइज एक्ट की धारा 60 के अलावा आईपीसी की धारा 272 भी लगायी जाए. यह धारा जहरीला पदार्थ बनाने वालों पर लगती है. इस धारा में जल्दी से जमानत नहीं मिलती है, लेकिन यहीं पुलिस का खेल शुरू होता है. पुलिस सिर्फ एक्साइज एक्ट में ही एफआईआर दर्ज करती है. कुछ ही मामलों में आईपीसी की धारा 272 दर्ज होती है. कुछ दिनों पहले सुभाषनगर पुलिस ने भी इस धारा का इस्तेमाल किया, जिससे आरोपी को जेल भेजा गया.


यह सख्त निर्देश हैं जारी

-शराब बनाने वालों पर एक्साइज एक्ट 60 के तहत आईपीसी की धारा 272 के तहत भी कार्रवाई की जाए

-शराब माफिया पर लगाम कसने के लिए बीट कॉन्स्टेबल को अपने एरिया में भ्रमण कर सख्ती बरतनी चाहिए

-शराब माफिया के खिलाफ गैंगस्टर और गुंडा एक्ट की कार्रवाई की जाए, ताकि वह जमानत पर न छूटे

-शराब माफिया की हिस्ट्रीशीट भी खोली जाए, उनकी संपत्ति भी कुर्क करायी जाए ताकि दोबारा अपराध न हो

-अवैध शराब में लिप्त पुलिसकर्मियों के खिलाफ भी कार्रवाई की जाए, ताकि पुलिस वाले सांठ गांठ न कर सकें

-अवैध शराब में पकड़े जाने वाले वाहनों को भी सीज किया जाए, मेन आरोपियों की भी गिरफ्तारी की जाए

यह हैं शराब के गढ़

गंगापुर, बभिया, मिर्जापुर, रामगंगा, बिरिया नरायनपुर, करेली, विशारतगंज, चौबारी, फरीदपुर, मीरगंज, नवाबगंज, भोजीपुरा व अन्य