Jamshedpur: कदमा थाना अंतर्गत रंकिणी मंदिर के पास स्थित प्रकृति विहार अपार्टमेंट के वी ब्लाक के फ्लैट नंबर 202 में टाटा स्टील के कर्मचारी धर्मेद्र कुमार सिंह के घर बीते गुरुवार को नकदी समेत लाखों रुपये की जेवरात चोरी होने की बात सामने आयी थी. अज्ञात चोरों के खिलाफ मामला भी दर्ज कराया था. संवाददाता सम्मेलन में सिटी एसपी प्रभात कुमार ने बताया कि जांच में पाया गया कि वादी धर्मेद्र कुमार सिंह के पुत्र ने ही तांत्रिक के फेर में फंसकर घटना को अंजाम दिया. आरोपित ने बताया कि घर में भेद न खुल जाए इसके लिए माता-पिता के वाकिंग पर जाने के बाद किचन में रखे चाकू से अपना हाथ हल्का चीर लिया तथा शराब की बोतल तोड़कर सिर को जख्मी कर पिता को घर में लूट की घटना होने की सूचना दे दी.


तांत्रिक के फेर में फंसा

सिटी एसपी प्रभात कुमार ने बताया कि आरोपित पढ़ाई में तेज नहीं था. पढ़ाई के चक्कर में प्राइमरी स्कूल में फेल कर गया था. इसके बाद उसे हाईस्कूल में भी चेतावनी मिली थी. किसी तरह वह इस वर्ष मैट्रिक की परीक्षा दिया था. सिटी एसपी ने बताया कि फेसबुक के माध्यम से उसे प्रवीण शास्त्री नामक एक तांत्रिक से संपर्क हुआ. जिसका मोबाइल नंबर 7073995726 है. आरोपित ने तांत्रिक को बताया कि मेरा गर्लफ्रेंड से ब्रेकअप चल रहा है, उसे दोबारा पाने के लिए तथा मैट्रिक की परीक्षा में 90 प्रतिशत से अधिक अंक लाने की बात कही. तांत्रिक ने रुपये की मांग की. इसके लिए एक एकाउंट नंबर दिया जिस पर आरोपित अपने ट्यूशन फी के लिए मिले 2000 रुपये तांत्रिक के खाते में डाल दिया. तांत्रिक ने कहा कि सब ठीक हो जाएगा. इसमें और अधिक खर्च है. आरोपित ने पुलिस को बताया कि चूंकि किसी भी कीमत पर प्रेमिका को वापस पाना चाहता था, इसलिए वह अपने घर पर ही लूट की घटना की कहानी बना अंजाम दिया.

पुलिस ने की छापेमारी

पुलिसिया पूछताछ में आरोपित ने बताया कि सात दिन पूर्व ही जेवरात को एक लाल बैग में डालकर अपनी मां के दो मंगलसूत्र, एक बिना चैन का लॉकेट, एक जोड़ा बिछिया, एक सोने का फूली अपने दोस्त शुभम शर्मा के घर खूंटाडीह में रखने के लिए दे दिया. जब आरोपित के बयान के आधार पर पुलिस शुभम शर्मा के घर छापेमारी की. पूछताछ में शुभम ने बताया कि जब पेपर में खबर छपी तो वह डर के मारे अपने दोस्त रोहित को रखने के लिए दे दिया. शुभम ने रोहित का पता बताया. पुलिस रोहित को बुलाकर पूछताछ की तो उसने बैग को सौंप दिया. जब आरोपित से अन्य सामानों के बारे में पूछताछ की गयी तो बताया कि जितना सामान चुराया था सभी सामान मिल गए, परिजन बढ़ा-चढ़ाकर प्राथमिकी दर्ज कराए थे

एसएसपी कर रहे थे मॉनिटरिंग

कदमा में लूट की घटना की गंभीरता को देखते हुए खुद एसएसपी अनूप बिरथरे मामले की जांच के लिए सिटी एसपी प्रभात कुमार को आवश्यक दिशा निर्देश दे रहे थे. सिटी एसपी के देखरेख में डीएसपी डा. कैलाश करमाली को जांच की जिम्मेवारी सौंपी. डीएसपी करमाली, इंस्पेक्टर बुधराम उरांव, कदमा थाना प्रभारी विनोद कुमार पासवान, उदय सिंह आदि जांच में जुटे और अंतत: मामले का खुलासा एक सप्ताह के अंदर कर दिया.