चुनाव आयोग के निर्देश पर जिला प्रशासन चला रहा अभियान

वोटर आईडी कार्ड के फोटो से कर रहे हैं मिलान

अब तक 228 फर्जी वोट किए गए हैं निरस्त

Meerut. एक से अधिक वोट बनवाने वालो की अब खैर नहीं. कारण, भारत निर्वाचन आयोग के निर्देश पर जिला प्रशासन ने फर्जी वोट पर चोट या कहें कि धरपकड़ अभियान चला रखा है. जिसमें अब तक मेरठ में 228 फर्जी वोट पकड़ में आ गए हैं, जिन्हें निरस्त किया जा चुका है.

नाम और फोटो का मिलान

जिला सहायक निर्वाचन अधिकारी/एडीएम प्रशासन रामचंद्र ने बताया कि जनपद में फर्जी वोट की धरपकड़ के लिए अभियान चलाया जा रहा है. इस अभियान के तहत जनपद की सातों विधानसभाओं में 5,43,471 ऐसे वोट चिह्नित किए गए हैं, जिनके वोटर लिस्ट में एक से अधिक बार नाम रिपीट हो रहे हैं. कहने का मतलब है कि एक नाम के एक से अधिक वोटर्स का सूचीबद्ध किया गया है. निर्वाचन आयोग के निर्देश पर हर बूथ पर निर्वाचन रजिस्ट्रीकरण अधिकारी (ईआरओ) को फर्जी वोट की धरपकड़ का जिम्मा दिया गया है. ईआरओ एक से अधिक नाम वाले सभी वोटर्स का नाम, फोटो और डिटेल का मिलान कर रहे हैं.

228 फर्जी वोट पकड़े

अभियान के तहत 30 नवंबर तक एआरओ सभी 5,43,471 वोटर्स की डिटेल को क्रॉस चेक करेंगे. अभी तक जांच-पड़ताल में 228 फर्जी वोट पकड़ में आए हैं, जिन्हें निरस्त कर दिया गया है. अब तक सर्वाधिक 149 फर्जी वोटर हस्तिनापुर विधानसभा क्षेत्र में पकड़ में आए हैं. एडीएम प्रशासन ने सभी ईआरओ को जल्द से जल्द एक नाम के वोटर्स का रिकार्ड मैच करने के निर्देश दिए हैं, ताकि फर्जी वोट को वोटर लिस्ट से हटाया जा सके.

फर्जी वोट की धरपकड़ के लिए निर्वाचन आयोग के निर्देश पर अभियान चलाया जा रहा है. एक नाम के ही एक से अधिक वोटर का रिकार्ड चेक किया जा रहा है और फोटो मिलान किया जा रहा है. मेरठ में अब तक 228 फर्जी वोटों को चिह्नित करके निरस्त किया गया है.

रामचंद्र, एडीएम प्रशासन

आयोग ने मांगा ब्योरा

निर्वाचन आयोग ने जिला प्रशासन से जनपद में तैनात प्रशासनिक अधिकारियों का ब्योरा मांगा है. जिसमें आयोग ने प्रशासनिक अधिकारी का नाम, पद, रैंक और निर्वाचन कार्य में भागीदारी के संबंध में जानकारी हासिल की है. जिला प्रशासन द्वारा भेजी गई जानकारी में मेरठ के सभी प्रशासनिक अधिकारी निर्वाचन कार्य में लगे हुए हैं.