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PATNA : सुपर 30 में स्टूडेंटस के नाम पर सुपर खेल करने वाले आनंद कुमार का एक और झूठ सामने आया है. बायोग्राफी में रिसर्च पेपर को लेकर किया गया दावा पूरी तरह से झूठा है. इस खुलासे के बाद आनंद की बायोग्राफी ही सवालों के घेरे में है. आपको बता दें ऋतिक रोशन की फिल्म सुपर 30 भी इसी बायोग्राफी से बनाई जा रही है. वर्ष 2012 में भी आनंद के ऐसे रिसर्च पर सवाल खड़ा किया जा चुका है.

बायोग्राफी में आनंद का दावा
सुपर 30 के आनंद कुमार पर अंग्रेजी में बीजू मैथ्यू ने बायोग्राफी लिखी है जिसे अरुण मिश्रा ने एडिट किया है. पैंग्विन पब्लिकेशन द्वारा प्रकाशित आनंद कुमार की बायोग्राफी में लिखा गया है कि रात दिन कड़ी मेहनत और कई रात जागकर एक युवा आनंद ने 1993 में एक अपना ओरिजनल रिसर्च पेपर बनाया. जिसे यूनिवर्सिटी ऑफ शेफील्ड के प्रतिष्ठित ब्रिटिश जनरल मैथमेटिकल स्पेक्ट्रम में हैप्पी नंबर नाम के शीर्षक से प्रकाशित किया गया. जिसने नंबर थ्योरी में एक नया आयाम जोड़ दिया. जिसे इनकी बायोग्राफी में अंतर राष्ट्रीय क्षितिज पर एक नए मैथ मेटिक थिंकर के उदय के रुप में बताया गया.

पड़ताल में खुल गई पोल
आंनद कुमार की बायोग्राफी में रिसर्च को लेकर प्रकाशित लेख पर जब पड़ताल की गई तो झूठ सामने आ गया. पड़ताल के दौरान हमें राकेश की वह मेल मिली है जिसमें किए गए सवाल का यूके से जवाब आया है. राकेश कुमार ने 30 जनवरी 2018 को सुबह 8 बजे मेल कर यूके के अप्लायड प्रोबैवलिटी जनरल स्कूल ऑफ मैंथमेटिक्स एंड स्टैटिस्टिक्स यूनिवर्सिटी ऑफ शेफील्ड के एग्जक्यूटिव एडिटर एमा तालिब से सवाल किया कि क्या हैप्पी नंबर नाम से 1993-94 में आपके किसी भी वॉल्यूम में क्या कोई आर्टिकल प्रकाशित किया गया है. जो कि भारत के बिहार प्रदेश के पटना के चांदपुर कुम्हरार निवासी आनंद कुमार द्वारा लिखा गया है. अगर ऐसा है तो कंफर्म करें कि क्या यह आर्टिकल एक फंडामेंटल रिसर्च है या फिर जनरल नेचर की है.

जवाब जान हो जाएंगे हैरान
30 जनवरी 2018 को ही 1.53 बजे दिन में यूके के अप्लायड प्रोबैवलिटी जनरल स्कूल ऑफ मैंथमेटिक्स एंड स्टैटिस्टिक्स यूनिवर्सिटी आफ शेफील्ड के एग्जक्यूटिव एडिटर एमा तालिब का मेल राकेश के पास आया. जिसमें उन्होंने साफ कहा है कि मैथमेटिक स्पेक्ट्रम में केवल जनरल नेचर के आर्टिकल ही प्रकाशित हुए थे. मुझे 1993-94 के वाल्यूम में आनंद कुमार के नाम को कोई भी आर्टिकल नहीं मिला है.

रिसर्च को लेकर रहता है विवाद
सुपर 30 के संचालक को मिलने वाले समान और रिसर्च को लेकर हमेशा सवाल खड़ा किया जाता है. वर्ष 2012 में पटना के प्रमुख गणितज्ञ विकास राही ने आनंद कुमार के रिसर्च पर खुली चुनौती दी थी. उन्होंने खुला पत्र लिखकर कहा था कि आनंद कुमार ने कोई रिसर्च नहीं किया है वह झूठ का रिसर्च दिखाते हैं. 8 मई 2012 को लिखे पत्र में विकास राही ने चैलेंज देते हुए कहा था कि जो भी आनंद का मौलिक शोध पत्र हमें लाकर देगा उसे मैं दो लखा रुपए का पुरस्कार दूंगा. इस चुनौती के बाद न तो आनंद ने रिसर्च पेपर दिया और न ही कोई अन्य ही शोध पत्र उनके सामने लाया.