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AGRA. थाना ताजगंज स्थित श्यामो गांव में शुक्रवार सुबह लोगों ने जो देखा उसे देख का सभी का दिल दहल गया. पत्‍‌नी की बीमारी से मौत के बाद तनाव में आए राजमिस्त्री ने गुरुवार रात घर में सामूहिक खुदकुशी का प्रयास किया. उसने बच्चों को विषाक्त दिया और खुद भी खा लिया. सुबह राजमिस्त्री और बेटी की मौत हो गई जबकि तड़पते हुए बेटों को हॉस्पिटल में एडमिट कराया है जिसमें एक की हालत गंभीर है.

तीन साल से ससुराल में रह रहा था
मूलरूप से शमसाबाद स्थित ठेरई गांव निवासी 42 वर्षीय मान सिंह पुत्र रामखिलाड़ी राजमिस्त्री का काम करता था. वह पिछले तीन साल से अपनी ससुराल ताजगंज के श्यामो गांव में रह रहा था. उसकी पत्‍‌नी रीना का तीन साल से कैंसर से पीडि़त थी उसका इलाज चल रहा था. इसमें ससुराल वाले आर्थिक मदद कर रहे थे. मान सिंह के परिवार में बेटा रूपेश (13), बेटी रचना (11) और छोटा बेटा अभय (7) थे. उनके साथ रीना की दादी श्याम देवी भी रहती थीं.

दूध में मिलाया विषाख्त पदार्थ
27 जुलाई को रीना की मौत हो गई. इसके बाद मान सिंह तनाव में आ गया. दो बार उसने खुदकुशी की कोशिश की, लेकिन श्याम देवी ने उसे बचा लिया. गुरुवार को मान सिंह के पिता रामखिलाड़ी भी आए हुए थे. शाम को मान सिंह दूध और केले लेकर आया. साथ ही कीटनाशक भी ले आया. रात साढ़े दस बजे उसने बच्चों को दूध में कीटनाशक मिलाकर पिला दी.

पिता पुत्री की हुई मौत, बेटे गंभीर
बच्चों को दूध पिलान के बाद खुद भी पी लिया और पास में तालाब के किनारे जाकर चारों गिलासों को भी जमीन में दबा दिया. बच्चों को साथ में बेड पर लिटाकर वह खुद भी लेट गया. विषाख्त पदार्थ का असर होने पर बच्चे तड़पते रहे उन्होने उल्टियां भी की. सुबह साढ़े चार बजे रामखिलाड़ी उन्हें जगाने को कमरे में पहुंचे तो मान सिंह और बेटी रचना मृत अवस्था में मिले. रूपेश और अभय फर्श पर पड़े तड़प रहे थे.

कार्रवाई से परिजनों का इनकार
बच्चों समेत सुसाइड की सूचना मिलते ही गांव के लोग पहुंच गए. बेटों को शमसाबाद रोड स्थित निजी अस्पताल में पहुंचाया, जहां रूपेश की हालत गंभीर बनी हुई है. पुलिस और प्रशासनिक अधिकारी मौके पर पहुंच गए. मान सिंह के परिजनों ने किसी भी तरह की कार्रवाई से इन्कार कर दिया. उन्होंने मान सिंह बिना पोस्टमार्टम के अंतिम संस्कार कर दिया और बेटी का पोस्टमार्टम कराया.